बीटीसी पेपर लीक प्रकरण
की मजिस्ट्रेट करेंगे जांच
- 15 अक्तूबर से दो दिनों तक लोगों से मांगे गए साक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर (कौशाम्बी)। बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर लीक होने के मामले में पुलिस के बाद अब प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। मामले की जांच अपर जिला मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। 15 अक्तूबर से दो दिवसों तक घटना के बारे में जानकारी रखने वाले लोग अपने साक्ष्य व बयान एडीएम कोर्ट में दर्ज करा सकते हैं।
बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा जिले में आठ, नौ और 10 अक्तूबर को थी। परीक्षा के दो दिन पहले सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने का मामला वायरल हुआ था। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने डीआईओएस एसके सिंह को मामले की जांच का निर्देश दिया था। आठ तारीख को डीआईओएस ने प्रथम और दूसरी पाली की परीक्षा का पेपर वीडियोग्राफी के दौरान खुलवाया। पेपर का बंडल कहीं से खुला नहीं था। परीक्षा में दिए गए पेपर का मिलान कराया गया तो वह हूबहू निकला। मामले की रिपोर्ट अफसरों को भेजी गई, जिस पर पूरी परीक्षा निरस्त कर दी गई, वहीं परीक्षा नियामक का निर्देश मिलने पर डीआईओएस ने सदर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में इलाहाबाद एसटीएफ को लगाया गया है। सीओ सदर एसएन पाठक भी जांच कर रहे हैं। अब मामले की जांच अपर जिला मजिस्ट्रेट राकेश श्रीवास्तव को सौंपी गई है। एडीएम ने बताया कि 15 व 16 अक्तूबर को सुबह 10 बजे से 12 बजे के बीच पेपर लीक प्रकरण से जुड़ा कोई भी व्यक्ति सुबह 10 बजे से 12 बजे के बीच उपस्थित होकर अपना बयान व साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।