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कारगिल युद्ध में घायल हुए फौजी की दबंगों ने कब्जा की भूमि

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कारगिल युद्ध में घायल हुए फौजी की जमीन पर कब्जा
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फर्जी तरीके से बैनामा कराकर किया कब्जा, विरोध पर दे रहे धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
शहीद बच्चूलाल यादव की छीनी गई जमीन अभी प्रशासन वापस नहीं कर सका है कि एक और रिटायर्ड फौजी को दबंगों ने निशाना बना लिया। कारगिल युद्ध में घायल हुए सूबेदार की भी जमीन दबंगों ने फर्जी तरीके से अपने नाम करा कब्जा कर लिया। विरोध करने पर फौजी को धमकी दी जा रही है। इससे तंग फौजी ने मुख्यमंत्री समेत रक्षामंत्री व गृह मंत्री से मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।
पिपरी थाना क्षेत्र के गिठूरा (नेवादा) निवासी प्रमोद कुमार शुक्ल पुत्र मुन्नीलाल फौज में सूबेदार के पद पर तैनात थे। वह 12वीं जाट रेजीमेंट में थे। मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और गृह मंत्री (भारत सरकार) को भेजे गए शिकायती पत्र में प्रमोद कुमार शुक्ल ने बताया है कि कारगिल युद्ध में वह अपनी टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे। युद्ध के दौरान गोली लगने से वह दिव्यांग हो गए। तत्कालीन थल सेनाध्यक्ष ने उनको प्रशंसा पत्र भी दिया था। कहा कि 20 साल फौज में रहने के बाद वह अपने गांव आए तो पता चला दुर्गापुर के दबंगों ने जालसाजी करते हुए उनकी भूमि अपने नाम करा ली। उन्होंने तहसील में पता किया तो बताया गया जमीन दूसरे के नाम हो चुकी है। उन्होंने विरोध किया तो दबंगों ने मारपीट की कोशिश की। इसके बाद से वह लगातार उनकी घेराबंदी कर रहे हैं। रिटायर्ड फौजी का कहना है कि दबंग उसकी हत्या कर सकते हैं। इसके अलावा उनके परिजनों को भी जान का खतरा है। प्रमोद कुमार ने अपनी जमीन दबंगों से वापस दिलाने के साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई करने और परिजनों के जानमाल की सुरक्षा करने की मांग शासन और प्रशासन से की है।
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शहीद बच्चूलाल के परिजनों को कब मिलेगी जमीन
वर्ष 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान के युद्ध में महराज का पुरा मजरा जलालपुर शाना निवासी बच्चूलाल यादव शहीद हो गए थे। शहीद के आश्रितों को दस बीघा जमीन का पट्टा मिला था। 45 साल तक परिजनों के कब्जे में जमीन रही, लेकिन हाल ही में इस भूमि को चकबंदी अधिकारी ने खारिज कर दिया। परिजन बदले में दूसरी जगह भूमि देने की मांग कर रहे हैं। इस मामले में तहसील प्रशासन टालमटोल कर रहा है। एसडीएम चायल अश्वनी श्रीवास्तव का कहना है कि उनके पास भूमि ही नहीं है, वह कहां से पट्टा दें। वहीं इस मामले में सांसद विनोद सोनकर, चायल विधायक संजय गुप्ता ने नाराजगी जताते हुए शहीद के परिजनों को हर हाल में जमीन दिलाने की बात कही है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। यदि शिकायत हुई है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। फर्जी बैनामा कराकर कब्जा किया गया है तो मामला गंभीर है। जांच में आरोप सही पाया गया तो रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
अश्वनी श्रीवास्तव
एसडीएम चायल
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