आज इवीएम में कैद हो जाएगी दिग्गजों की किस्मत
- भाजपा, सपा गठबंधन और जनसत्ता दल ने पुरनियों पर लगा रखा है दांव
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अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। 17 वीं लोकसभा के चुनाव में उतरे दिग्गजों की किस्मत का फैसला सोमवार को जिले के मतदाता इवीएम पर बटन दबाकर करेंगे। कौशाम्बी संसदीय सीट से गठबंधन, भाजपा और जनसत्ता पार्टी ने पुराने सियासी दिग्गजों पर दांव लगाया है। अब देखना यह है कि सियासी घमासान के बीच किस दल के प्रत्याशी ने जनता के दिलों में जगह बनाई। इसका फैसला 23 मई को मतगणना परिणाम आने पर होगा।
कौशाम्बी संसदीय सीट पर बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिल रहा है। दरअसल, यहां भाजपा, सपा गठबंधन, जनसत्ता दल और कांग्रेस ने पुराने सियासी दिग्गजों पर अपना दांव लगाया है। सपा गठबंधन ने इस सीट से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज को चुनाव मैदान में उतारा है। बसपा से राजनीति की शुरुआत करने वाले इंद्रजीत सरोज मंझनपुर विधान सभा से चार बार विधायक रहने के साथ ही दो मर्तबा प्रदेश सरकार के मंत्री रह चुके हैं। इस बार बसपा छोड़कर इंद्रजीत ने साइकिल की सवारी की है। प्रदेश में सपा-बसपा का गठबंधन होने के बाद कौशाम्बी संसदीय सीट सपा के खाते में आई तो पार्टी ने इंद्रजीत को पुराने अनुभव के आधार पर टिकट दे दिया। भाजपा ने निर्वतमान सांसद विनोद सोनकर पर एक बार फिर से दांव लगाया है। विनोद भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्टीय अध्यक्ष भी हैं। कुंडा के विधायक व जनसत्ता पार्टी के संस्थापक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया ने पूर्व सांसद शैलेंद्र कुमार को चुनाव मैदान में उतारा है। शैलेंद्र सपा से तीन बार सांसद व एक मर्तबा प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। जिले में राजनैतिक जमीन तलाश रही कांग्रेस ने गिरीश पासी को प्रत्याशी बनाया है। गिरीश एक मर्तबा बसपा के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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