सूखी रही फसलों के लिए आसमान से हुई अमृत वर्षा
- धान के साथ बाजरा, अरहर, गन्ने की फसल को होगा फायदा
- कई दिनों से पड़ रही उमसभरी गर्मी से लोगों को राहत
मंझनपुर (ब्यूरो)। पित्रपक्ष के अंतिम दिन बुधवार को हुई बारिश ने सूख रही खरीफ की फसलों को जीवनदान दे दिया। किसानों को मुरझाए चेहरे खिल उठे। कई दिनों से पड़ रही उमसभरी गर्मी से भी लोगों को राहत मिली। तापमान नीचे आने से मौसम खुशनुमा हो गया।
अगस्त माह के आखिरी सप्ताह से मौसम का रुख इस कदर बदला कि बारिश की बूंदों ने धरती की ओर रुख करना ही बंद कर दिया। तल्ख धूप के चलते खरीफ की फसलों पर पकने से पहले ही सूखने का खतरा मंडराने लगा। जिले के आधे क्षेत्रफल में फैली किशनपुर माइनर में पानी नहीं है। ऐसे में किसानों को निजी व राजकीय नलकूपों का ही सहारा था लेकिन विद्युत कटौती और लो वोल्टेज से परेशानी और बढ़ गई। इसके चलते किसानों की चिंता बढ़ गई थी। कई दिनों से सूरज ने तल्ख तेवर कर लिए थे। इसके चलते तापमान लगातार चढ़ा रहा। इसके चलते मौसम ने करवट बदला और आसमान में छाए बादलों ने जमकर बारिश कर दी। इससे फसलों को नया जीवन मिला। किसानों के चेहरे खिल आए। डीडी एग्रीकल्चर एसएस चौहान कहते हैं कि रविवार को हुई बारिश से फसलों को लाभ होगा। सबसे अधिक फायदा तो बाजरा, अरहर व गन्ने की फसलों को होगा। धान की सिंचाई तो किसान किसी तरह कर रहे थे पर इन फसलों की ओर उनका ध्यान ही नहीं जा रहा था। यह बारिश खरीफ की खेती के लिए राहत देने वाला होगा।
इनसेट
बारिश के साथ वोल्टेज में हो रहा सुधार
सूरज के तल्ख तेवरों से बिजली का वोल्टेज पूरी तरह से धड़ाम हो चुका था। परेशान लोग सबस्टेशनों का घेराव, मंझनपुर मुख्यालय में उपभोक्ताओं द्वारा शिकायतें एवं प्रदर्शन हो रहे थे। पिछले तीन दिन से कहीं बूंदाबांदी तो कहीं बारिश शुरू होने के बाद धीरे-धीरे बोल्टेज सुधार हो रहा है। रविवार को ग्रामीण इलाकों में सौ से ऊपर बोल्टेज मिलने पर उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है।