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पूजा पंडालों में गाजे-बाजे के साथ पहुंची मां अम्बे की मूर्तियां

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नवरात्र आज से, गाजे-बाजे संग पूजा पांडाल पहुंची दुर्गा प्रतिमाएं
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- घर-घर होगी कलश स्थापना स्थापित होंगी मूर्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। शारदीय नवरात्र बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा है। देवी की पूजा के लिए लोगों ने घरों के साथ जगह-जगह पांडालों में तैयारियां पूरी कर ली हैं।
पूजा पंडालों में दुर्गा प्रतिमाएं देर शाम तक पहुंचीं। घर-घर में कलश व पूजा पंडालों में मूर्ति स्थापना आज वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगी। निर्माण स्थल से मूर्ति को लेने आने भक्त उत्साह में रहे। बाजे-गाजे के साथ मां अम्बे की मूर्ति को पूजा पंडालों पर ले जाने का सिलसिला सुबह से लेकर देर रात तक चलता रहा।
शारदीय नवरात्र गुरुवार को प्रतिपदा के साथ शुरू होगी। इसे लेकर मां के भक्तों ने सारी तैयारियां पूरी कर ली है। पूजा पंडालों में स्थापित की जाने वाली मूर्तियों को भक्तों ने बुधवार की सुबह से मूर्तिकार के निर्माण स्थलों से उठाना शुरू किया। बाजे-गाजे के साथ मूर्ति को पूजा पंडाल ले जाया गया। इस दौरान जिले का माहौल एक दिन पहले ही मां अम्बे की भक्ति में सराबोर होता दिखा। सबसे अधिक भीड़ मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर स्थित ओसा के मूर्तिकार के यहां देखने को मिली। यहां से लगभग डेढ़ सौ मूर्तियां पूजा पंडाल के लिए ले जाई गईं। इसी तरह म्योहर गांव के मूर्तिकार के यहां से दो दर्जन मूर्तियां पूजा पंडालों में पहुंचाई गई। इस दौरान मूर्ति लेकर जाने वाले भक्तों में पर्व को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। दूसरी ओर घर-घर कलश स्थापना के लिए भी भक्तों ने तैयारियां पूरी कर ली है। इसे लेकर बाजारों में चुनरी, बताशा, नारियल, मिष्ठान आदि की खरीदारी करने वालों की भारी भीड़ रही।
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इनसेट
कस्बों में आकर्षण का केंद्र बनीं मूर्तियां
नवरात्र पर्व को लेकर सरायअकिल, भरवारी, सिराथू, मंझनपुर बड़े-बड़े पूजा पंडाल बनाए गए हैं। इन पंडालों की मूर्तियां भी भारी-भरकम हैं। बुधवार को मूर्तिकार के यहां से मां अंबे की मूर्तियां पूजा पंडाल में पहुंची तो मोहल्ले की महिलाओं, बच्चों की खासी भीड़ जुट गई। इस दौरान भक्तों में नवरात्र पर्व को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। सरायअकिल कस्बे के बर्तन मोहल्ले में पहुंची मां अम्बे, गणपति व लक्ष्मीजी की मूर्ति आकर्षण का केंद्र रही। इसी तरह मंझनपुर के नेहरू नगर व गांधीनगर की मूर्तियां भक्तों के आकर्षण का केंद्र रही। इसी तरह नगर पंचायत भरवारी, सिराथू, मनौरी बाजार में पूजा पंडाल पर मां अंबे की मूर्ति पहुंचने के बाद माहौल भक्तमय हो गया है।

गांवों में भी बनाए गए पूजा पंडाल
शारदीय नवरात्र पर्व के मौके पर कस्बों के अलावा गांवों में भी पूजा पंडाल बड़े पैमाने पर बनाए गए हैं। अकेले म्योहर गांव में 18 पूजा पंडाल बने हैं। इसी तरह पश्चिम शरीरा में बने एक दर्जन पूजा पंडालों के लिए मूर्तियां बुधवार की देर रात तक पहुंची। पर्व को लेकर गांव-गांव के भक्तों में उत्साह दिखा। मूर्ति पहुंचने के बाद पूजा पंडालों को सजाने का काम जगह-जगह रात भर चलता रहा। भक्तों ने पूजा पंडालों को रंग बिरंगी विद्युत झालरों से सजाने के लिए रात भर कड़ी मशक्कत की।

बारिश से मूर्तियों को बचाने की होती रही कवायद
शारदीय नवरात्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले बुधवार को जिले भर में बारिश हुई। मूर्तिकार के यहां मूर्तियों को लेने आए भक्तगणों को इस दौरान कठिनाई का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान वह अपनी-अपनी मूर्तियों को भीगने से बचाने के लिए कवायद करते रहे। भक्तों द्वारा मूर्तियों को पालीथिन से ढककर पूजा पंडाल तक ले जाया गया।
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शाम से सक्रिय हो गई पुलिस
दुर्गा पंडालों में मूर्तियों के पहुंचते ही सभी थानों की पुलिस सक्रिय हो गई। हलका दरोगा व सिपाहियों को चार बजे ही भ्रमण पर लगा दिया गया। इसके अलावा थाने व सीओ भी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करते रहे। देर रात तक वह गांवों का जायजा लेते रहे। सकुशल मूर्तियों के पहुंचने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। अब मूर्ति विसर्जन तक पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहेगी।
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