आश्रम पद्धति विद्यालय में बढ़ी बीमारों की संख्या
-बरैसा से सोमवार को भी जिला अस्पताल लाए गए तीन छात्र
-रविवार देर रात भरसवां स्कूल से आई थी एक छात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। पंडित दीनदयाल राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में बीमार छात्रों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। रविवार रात भरसवां स्कूल से एक छात्रा गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाई गई थी। सोमवार को बरैसा स्कूल से तीन छात्र जिला अस्पताल लाए गए। राजकीय स्कूलों में बीमार हो रहे छात्रों को लेकर प्रशासनिक अधिकारी परेशान हैं।
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बरैसा के तीन छात्र सोमवार की शाम को जिला अस्पताल लाए गए। इनमें कक्षा नौ के जगजीत सिंह के सिर पर गंभीर चोट लगी थी, जबकि अजय कुमार के पेट में दर्द था। वहीं कक्षा आठ के छात्र कामता प्रसाद हाइड्रोसिल से पीड़ित था। तीनों को फार्मासिस्ट लेकर आया था। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया। इस संबंध में डॉक्टरों ने फार्मासिस्ट से पूछताछ भी की। सरकारी स्कूलाें में बीमार छात्रों की संख्या बढ़ने से कालेज प्रशासन के साथ ही अधिकारी भी परेशान हो गए हैं। इसके पहले काजीपुर की दस छात्राएं बीमार हो गई थीं। इनको गंभीर हालत में मूरतगंज पीएचसी में भर्ती कराया गया था। रविवार को भरसवां कालेज की छात्रा सविता को देर रात जिला अस्पताल लाया गया था। उसकी हालत नाजुक थी। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट अधिकारियों से तलब की है।
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स्कूलों के अस्पताल से कहां गईं दवाएं
पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय विद्यालयों में छात्रों के इलाज के लिए अस्पताल खोला गया है। साथ ही यहां एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति भी की गई है। भरसवां, बरैसा और काजीपुर के कालेजों में बीमार हुए छात्र जब जिला अस्पताल लाए गए तो पता चला स्कूलों के अस्पताल में दवाएं ही नहीं हैं। छात्रों के मांगने पर भी दवाएं नहीं दी जाती हैं। इन अस्पतालों को मिलने वाला दवा का स्टॉक कहां खपाया जाता है, इसको लेकर अब तमाम तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। बरैसा स्कूल से छात्र तभी जिला अस्पताल लाए गए, जब दवा नहीं मिल सकी। छात्रों के बीच चर्चा थी कि प्रधानाचार्य उनको जिला अस्पताल भेजने के पक्ष में नहीं थे। वह निजी अस्पताल ले जाने का प्रयास कर रहे थे ताकि स्कूल की अव्यवस्था का सच सामने न आ सके।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
‘तीन छात्रों को जिला अस्पताल भेजा गया है। स्कूल में दवाएं सर्दी, खांसी जुकाम की आती हैं। छात्र जब ज्यादा बीमार हो जाते हैं तो उनको जिला अस्पताल भेजा जाता है। दवाएं खत्म नहीं हैं।’
महेश चंद्र-प्रधानाचार्य