‘शिक्षक बन पुलिस विद्यार्थियों को पढ़ाएगी सभ्यता का पाठ’
एनसीसी की तर्ज पर शुरू की गई स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना
प्रथम चरण में कौशाम्बी के 25 जूनियर हाईस्कूल चिन्हित
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। अत्याधुनिक असलहों के साथ हर वक्त डंडे से लैस होकर अकड़ में रहने वाली पुलिस जल्द ही शिक्षक की भूमिका में नजर आएगी। खाकी वाले गुरुजी बनकर विद्यार्थियों को सभ्यता का पाठ पढ़ाएंगे। दरअसल, सरकार ने एनसीसी की तर्ज पर स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना शुरू की है। जिले में इसका क्रियान्वयन जल्द ही शुरू हो जाएगा।
स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के प्रथम चरण में कौशाम्बी के 25 सरकारी जूनियर स्कूलों को चिन्हित किया गया है। इनमें हफ्ते में एक दिन शिक्षण का वक्त समाप्त होने के बाद करीब 40 मिनट की विशेष क्लॉस चलेगी। इस कक्षा में एनसीसी के पाठ्यक्रम को भली-भांति समझने वाले शिक्षक बच्चों को सभ्यता का पाठ पढ़ाएंगे। उन्हें पुलिस, केन्द्रीय पुलिस के अफसरों का पद, उनका महत्व आदि बताया जाएगा। फायर ब्रिगेड, ट्रैफिक पुलिस के काम समझाए जाएंगे। अनेक प्रकार के शारीरिक अभ्यासों की जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त फील्ड क्रॉफ्ट, जैसे समाज सेवा, भीड़ नियंत्रण, मैप रीडिंग, राइफल खोलना-जोड़ना व उसके कलपुर्जे के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। समाज के नेतृत्व का गुण उत्पन्न किया जाएगा। क्लॉक में सिर्फ शिक्षक ही नहीं एसपी, एएसपी, सीओ, निरीक्षक व अन्य पुलिस कर्मचारी भी विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। एएसपी ने बताया कि जल्द ही कौशाम्बी के चिन्हित स्कूलों में कक्षा आरम्भ करा दी जाएगी।
हर स्कूल को मिलेगा 50 हजार रुपया
मंझनपुर। सरकार स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत किए जाने वाले सभी स्कूलों को हर महीना 50 हजार रुपया अलग से देगी। इन रुपयों से संसाधन आदि का बंदोबस्त किया जाएगा। अभी ड्रेस निर्धारित नहीं हुआ है। निर्धारण के बाद इसी पैसे से बच्चों को पोशाक भी दिलाई जाएगी।
गृह मंत्रालय ने जारी किया है पाठ्यक्रम
मंझनपुर। स्टूडेंट पुलिस कैडेट की क्लॉस में विद्यार्थियों का पढ़ाया जाने वाला पाठ्यक्रम गृह मंत्रालय ने जारी किया है। ये ऑनलाइन भी देखा जा सकता है। पाठ्यक्रम एनसीसी से काफी मिलता-जुलता है। सरकार को उम्मीद है कि यह सब पढ़ने के बाद बच्चे सभ्य होंगे और एक सुंदर समाज की स्थापना करने में योगदान देंगे।
इनका कहना है
स्टूडेंट पुलिस कैडेज योजना का जल्द ही जिले में कियान्वयन शुरू कराया जाएगा। प्रथम चरण के लिए 25 जूनियर विद्यालयों को चिन्हित किया गया है। इनमें प्रशिक्षित शिक्षकों के साथ पुलिस अफसर भी बच्चों को सभ्यता का पाठ पढ़ाएंगे।
अशोक कुमार-अपर पुलिस अधीक्षक
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