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रामगंगा कमांड में उड़ रही धूल, कैसे करें किसान नर्सरी

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रामगंगा कमांड में उड़ रही धूल, कैसे करें किसान नर्सरी
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सिराथू इलाके के 75 किलोमीटर में फैला है नहर का जाल
किसान और मवेशी भी पानी के लिए तरसे
फोटो नं-
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। फतेेहपुर जिले से निकली रामगंगा कमांड नहर से जिले के किसानों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। सिराथू इलाके में फैली इस नहर व माइनरों का मकड़जाल 75 किलोमीटर में फैला है। नहर में पानी नहीं होने के कारण इलाके के किसान अपनी नर्सरी नहीं कर पा रहे हैं। किसानों को निजी नलकूप के सहारे धान की नर्सरी करना पड़ रहा है। ऐसे में बिजली का भी संकट किसानों के सामने मुंह बाए खड़ा है।
रामगंगा कमांड का उद्गम फतेहपुर जिले से हुआ है। बिंदकी के पास से निकली इस नहर से 84 माइनर और 15 रजबहों में पानी दिया जाता है। यह नहर फतेहपुर जिले के भिटौरा, मलवां, हथगांव और सिराथू इलाके के गांवों में पानी की सप्लाई करते हैं। पिछले कई सालों से रामगंगा कमांड की हालत काफी खराब है। नहर में जिस क्षमता से पानी आना चाहिए वह नहीं आ पा रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि नगर में अगर मानक के सापेक्ष पानी छोड़ा जाए तो वह फट सकती है। नहर की सफाई और मरम्मत का काम भी काफी दिनों से नहीं हो सका। ऐसा नहीं है कि नगर में पानी नहीं छोड़ा जाता, लेकिन जो पानी छोड़ा जाता है वह टेल तक नहीं पहुंच पाता। अधिशाषी अभियंता राम गंगा कमांड नहर फतेहपुर का कहना है कि नगर की क्षमता 11 सौ क्यूसेक पानी की है। इतना पानी मिले तो किसानों को फायदा हो सकता है लेकिन लेकिन नहर की मरम्मत नहीं होने के कारण चार से पांच सौ क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा रहा है। जिसके कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता।
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इस बार फिर पिछड़ेगी नर्सरी
मंझनपुर। रामगंगा कमांड में पानी नहीं आने के पीछे सबसे बड़ा कारण फतेहपुर जिले के किसानों का दबंग होना है। किसान अपने इलाके में नहर को बांध लेते हैं। इसकी वजह से कौशाम्बी की सीमा में टेल तक पहुंचना तो दूर पानी जिले की सीमा में प्रवेश तक नहीं कर पाता। नहर की बदहाली के बाबत कई बार भाकियू और सकिपा ने प्रदर्शन किया लेकिन अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
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अगस्त तक नहर के दिन बहुरनें का संकेत
मंझनपुर। राम गंगा कमांड के अवर अभियंता का कहना है कि मुख्य नहर की हालत काफी जर्जर है। इस वजह से फोर्स के साथ पानी नहीं खोला जा रहा। नहर की मरम्मतीकरण का टेंडर हो चुका है। उम्मीद है कि अगस्त तक नहर की मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद माइनर और रजबहों की साफ-सफाई कर उनमें पानी लाने का प्रयास किया जाएगा।
रामगंगा कमांड में पिछले पांच साल से पानी नहीं आया है। अगर कभी पानी आया भी, तो वह टेल तक नहीं पहुंचा। इसके लिए किसानों ने खूब आंदोलन भी किया लेकिन कोई फायदा नहीं हो सका।वहीं सदर और चायल तहसील में किशुनपुर और जोगापुर पंप कैनाल से सिंचाई की व्यवस्था की गई है। लेकिन यह दोनों नहरें टेल तक पानी पहुंचाने में नाकामयाब हैं।
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इनका कहना है
रामगंगा कमांड में पानी छोड़ा गया है लेकिन नहर खराब होने के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। नहर की सफाई का कार्य कराया जाना है। नहर साफ होने के बाद किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।
महेंद्र कुमार सिंह, एक्सईएन रामगंगा नहर
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