विधिक साक्षरता से जगाई गई नशा उन्मूलन की अलख
शुक्रवार को चायल तहसील सभागार में हुआ आयोजन
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अमर उजाला ब्यूरो
चायल। नशा समाज के लिए जहर से भी ज्यादा घातक है। नशे की वजह से इंसान खुद के काबू में नहीं रहता है। इसके चलते वह ऐसे अपराध को अंजाम दे बैठता है जिसके कारण उसे सलाखों के पीछे पछताना पड़ता है। यह बातें विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुलदीप सिंह ने शुक्रवार को चायल तहसील में आयोजक विधिक जागरुकता शिविर में कही।
नशा मुक्ति को लेकर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने नशा से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सिविल जज कुलदीप सिंह ने कहा कि नशे से व्यक्ति अपने परिवार को ही नहीं बल्कि समाज पर भी बुरा प्रभाव डालता है। नशा करने वाले व्यक्ति देश के विकास में बराबर भागीदारी नहीं निभा पाता। तहसीलदार चायल कल्पना चौहान ने कहा कि नशे से मुक्ति के लिए योग एक आसान उपाय है। लोग योग के सहारे नशे की बुरी लत से दूरी बना सकते हैं। बाल संरक्षण अधिकारी अजीत कुमार ने बालक-बालिकाओं के अधिकार और उनके लिए सरकार की तरफ से बनाई गई हेल्प लाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। गोष्ठी में पूनम पाल, संगीता राज, अंजू, उमा साहू, धर्मराज, कमलेश, संजीव कुमार सहित तमाम लोग शामिल रहे।
सातवीं आर्थिक जनगणना को लेकर हुई कार्यशाला
फोटो नं-11-कार्यशाला में सातवीं आर्थिक जनगणना को लेकर सीएससी के प्रगणकों को जानकारी देते डीएसटीओ
मंझनपुर (ब्यूरो)। सातवीं आर्थिक जनगणना को लेकर शुक्रवार को कलक्ट्रेट में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें कामन सर्विस सेंटर के प्रगणकों को कार्यों के बाबत विस्तार से जानकारी दी गई। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ओम प्रकाश ने जनगणना कार्यक्रम की रूपरेखा सर्विस सेंटर संचालकों के सामने रखी। इसके बाद एनएसएसओ क अधिकारी रामचंद्र ने आर्थिक जनगणना सर्वे को सावधानी पूर्वक किए जाने व विशेष शब्दावली का इस्तेमाल करने के बारे में विस्तार से समझाया। सीएससी के जिला प्रबंधक चंद्रकुमार और सर्वेश कुमार ने संचालकों को पीटीपी के माध्यम से प्रशिक्षित किया। आर्थिक जनगणना को लेकर होने वाले मोबाइल एप के डेमो को विस्तार से बताया गया। इस मौके पर विपिन कुमार केसरवानी, विष्णु गुप्ता, प्रभात मिश्रा, दीप चंद्र, कृष्णकांत आदि लोग मौजूद रहे।