गर्मी और बिजली कटौती से लोग परेशान
लोड बढ़ने पर लखनऊ से पावर हाउस से सप्लाई बंद करने का फरमान जारी किया जाता
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सूरज के तल्ख तेवर और बिजली की भीषण कटौती से लोग परेशान हो गए हैं। रोस्टर से जहां दो घंटे कम बिजली मिल रही है वहीं इमरजेंसी कटौती के कारण समस्या बढ़ गई है।
बताया जाता है कि मंझनपुर डिविजन से जुड़े 20 उपकेंद्र इन दिनों ओवरलोड चल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में 18 और शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली सप्लाई का रोस्टर तो बना है, लेकिन ग्रामीणों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। इसके पीछे सबसे बड़ी समस्या इमरजेंसी कटौती को लेकर हो रही है। रोजाना करीब दो घंटे की इमरजेंसी कटौती की जा रही है। लोड बढ़ने पर लखनऊ से पावर हाउस से सप्लाई बंद करने का फरमान जारी किया जाता है। कमोवेश यही हाल मंझनपुर का भी है। कलेक्ट्रेट और जिला अस्पताल फीडर को शहरी मानते हुए 24 घंटे सप्लाई का दावा किया गया, लेकिन चार से पांच घंटे की कटौती इन फीडरों पर भी हो रही है। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या लोकल फाल्ट हैं। फाल्ट हो जाने पर उसे सही करने में करीब पांच से छह घंटे का वक्त लग जाता है। यह समस्या ग्रामीण इलाके के उपकेंद्रों में सबसे ज्यादा है। आरोप है कि ग्रामीण इलाके में फाल्ट होने पर बिजलीकर्मी बिना सुविधा शुल्क लिए जाते ही नहीं है। रात के वक्त फाल्ट होने पर सुबह ही सप्लाई शुरू की जाती है। वहीं डिविजन मंझनपुर से जुड़े पश्चिमशरीरा और महेवाघाट उपकेंद्र में बिजली कटौती की ज्यादा समस्या है। इन दोनों उपकेंद्रों में लोड ज्यादा होने के कारण दिक्कत आ रही है।
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इनका कहना है
रात के वक्त तेज हवा चलने लगती है। इसके कारण आपूर्ति बंद करना पड़ता है। लखनऊ से भी करीब दो से तीन घंटे इमरजेंसी कटौती की जा रही है। शेड्यूल से जो बिजली मिल रही है वह भी रोस्टर से कम है। कोशिश है कि ग्रामीण इलाके में कम से कम 16 घंटे की आपूर्ति हो, लेकिन लोकल फाल्ट से दिक्कत आ जाती है। शहरी इलाके की लाइट में सिर्फ इमरजेंसी कटौती के दौरान ही दिक्कत आती है।
अंकित कुमार, एक्सईएन विद्युत, मंझनपुर डिविजन
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