डॉक्टरों की तैनाती पर ताक पर मानक
जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़, सीएचसी-पीएचसी में चिकित्सकों की तैनाती
शासन के आदेश को दरकिनार कर चिकित्सा विभाग ने किया खेल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी में चिकित्सकों की तैनाती के नाम पर खेल किया गया है। जिला अस्पताल में भले ही मरीजों की भीड़ रहती हो, लेकिन संख्या के हिसाब से चिकित्सकों का मानक पूरा नहीं किया जा रहा है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रदेश में सरकारी सेवा में चिकित्सकों की कमी है। इसे लेकर प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने चार दिसंबर 2018 को सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा था। इसमें प्रमुख सचिव ने लिखा था कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की मुख्य चिकित्साधिकारी के अधीन तैनाती होने के कारण उनकी योग्यता का व्यापक उपयोग नहीं हो पाता है। ऐसे में जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों को जिलाधिकारी के अनुमोदन से तैनात किया जाए। इसके बाद भी कौशाम्बी में शासन के आदेश पर अमल नहीं किया जा रहा है। जिले में सीएमओ के अधीन तीन रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं। ये चिकित्सक जहां तैनात किए गए हैं वहां पर अल्ट्रासाउंड की मशीन तक नहीं है। जबकि जिला अस्पताल में सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सौभाग्य प्रकाश को ही तैनात किया गया है। यहां अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे कराने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है। इसी तरह एक फिजीशियन को रोजाना कम से कम 40 ओपीडी करने का मानक है। इसके बावजूद जिला अस्पताल में फिजीशियन रोजाना करीब 250 मरीजों का इलाज करता है। जिला अस्पताल में दो ही फिजीशियन तैनात हैं। इसी तरह जिला अस्पताल में दो महिला चिकित्सक होने चाहिए। इसके बाद भी एक गायनोलाजिस्ट तैनात है वह भी पुरुष है।
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गर्भवती महिलाओं को होती है दिक्कत
मंझनपुर। जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा दिक्कत महिला व गर्भवती महिलाओं को होती है। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। मजबूरी में महिलाएं जिला अस्पताल के बाहर निजी सेंटरों में अल्ट्रासाउंड कराती हैं।
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रोजाना एक हजार के करीब होती है ओपीडी
मंझनपुर। 18 लाख की आबादी वाले जिले में एक मात्र जिला अस्पताल ही ऐसा है जहां एक छत के नीचे मरीजों को सारी सुविधाएं दी जाती हैं। पीएचसी व सीएचसी से मरीजों को यहां रेफर किया जाता है। ऐसे में रोजाना ओपीडी में आठ सौ से लेकर एक हजार मरीज आते हैं।
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इनका कहना है
अस्पताल में मानक के सापेक्ष चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों को तैनात किए जाने के बाबत शासन को कई बार पत्र लिखा गया है। फिलहाल जो व्यवस्था है, उसी से बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने की कोशिश की जा रही है।- डॉ. दीपक सेठ, सीएमएस जिला अस्पताल