अव्यवस्था के बीच जमा हुईं ईवीएम मशीनें
- मंडी में पोलिंग पार्टियों को करना पड़ा घोर परेशानियों का सामना
- मंझनपुर से ओसा के बीच लगा भीषण जाम, हुई परेशानी
फोटो नं.
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। लोकसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ईवीएम मशीनें जमा करने में पोलिंग पार्टियों को घोर परेशानियों का सामना करना पड़ा। भारी अव्यवस्था के बीच कर्मचारी देर तक किसी तरह मशीन जमा कर सके। इस दौरान मंझनपुर से ओसा के बीच भीषण जाम भी लगा रहा।
मतदान प्रकिया शाम छह बजे समाप्त हुई। इसके बाद पोलिंग पार्टियां ईवीएम मशीन, वीवीपैट आदि लेकर जमा करने के लिए मंडी रवाना हुईं। मंडी में पार्टियों की गाड़ियों का पहुंचना शुरू होते ही मंझनपुर से ओसा के बीच जाम लग गया। किसी तरह जाम में काफी देर तक परेशान होने के बाद कर्मचारी मंडी के भीतर दाखिल हुए। वहां भीषण गर्मी में गला तर करने के लिए पानी तक का इंतजाम नहीं था। दिन भर के थके-मांदे कर्मचारी भीड़ की धक्का-मुक्की के बीच कागजों का मिलान और अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कुछ पार्टियों को पहुंचने में देर हुई तो उनका नंबर आने पर अफसर लाउड स्पीकर से गरजते रहे। सबसे ज्यादा दिक्कत महिला कर्मचारियों को हुई। उनके साथ मदद के लिए आए परिवार वाले भी हैरान-परेशान रहे। रात अधिक होने पर वापस घर लौटने के लिए पार्टियों में शामिल तमाम कर्मचारियों को साधन नहीं मिला। कुछ ने परिवार वालों को गाड़ी लेकर बुलाया तो कोई किसी के साथ गया। कइयों को मंडी में ही रात गुजारनी पड़ी। कुल मिलाकर तमाम तरह की अव्यवस्थाओं के बीच मशीनें जमा होने के बाद देर रात अधिकारियों, कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
सीआईएसएफ की निगहबानी में रहेगा स्ट्रांग रूम
- सीओ सिटी बनाए गए सुरक्षा इंचार्ज, आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में लगेंगे तीन इंस्पेक्टर
- आम लोगों के साथ पुलिस-प्रशासन को भी भीतर जाने की नहीं होगी अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। ओसा स्थित नवीन मंडी में बनाया गया स्ट्रांग रूम सीआईएसएफ की निगहबानी में रहेगा। स्थानीय स्तर पर सीओ सिटी को सुरक्षा इंचार्ज बनाया गया है। उनके सहयोग के लिए तीन इंस्पेक्टरों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
ईवीएम मशीनों के जमा होने की प्रक्रिया शुरू होते ही स्ट्रांग रूम को सीआईएसएफ जवानों ने कस्टडी में ले लिया। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि सुरक्षा में एक प्लाटून सीआईएसएफ लगाई गई है। स्थानीय स्तर पर डीएसपी मंझनपुर सच्चिदानंद पाठक को सुरक्षा प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में तीन इंस्पेक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। स्ट्रांग रूम की हिफाजत का जिम्मा केंद्रीय पुलिस बल का ही होता है। केंद्रीय पुलिस के जवानों की मानें तो परिंदे को भी स्ट्रांग रूम में पर नहीं मारने दिया जाएगा। भीतर जाने की इजाजत लोकल स्तर पर जिले के किसी भी स्तर को नहीं होगी। उधर, सभी प्रमुख दलों के उम्मीदवारों ने भी स्ट्रांग रूम की सुरक्षा का देर शाम जायजा लिया। प्रत्याशी सुरक्षा इंतजामात से खुश रहे। किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई।