मंझनपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने जानलेवा हमले में मामले में तीन लोगों को दस साल की सजा व 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट का यह फैसला घटना के 18 साल बाद आया है।
अभियोजन के मुताबिक अवधेश कुमार पाल ने 17 जनवरी 2001 को पूरामुफ्ती कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 16 जनवरी 2001 को वह अपने भांजे सोमचंद्र के साथ बाइक से घर पहुंचा। दरवाजे पर वह डिक्की से सब्जी निकाल रहा था तभी कन्हैयालाल उर्फ राजा भइया, मुन्ना और गिरजाशंकर अपने दो अज्ञात साथियों के साथ पहुंचे और जान से मारने की नीयत से बंदूक से गोली चला दी। गोली अवधेश के पैर में लगी और वह भागकर घर में छिप गया।
इसके बाद सभी आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले थे। घटना की नामजद रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। मामले में शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने सात गवाहों को प्रस्तुत कर आरोपियों के खिलाफ सजा की मांग की। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कन्हैयालाल, मुन्ना, गिरजा शंकर निवासी फतेहपुर घाट थाना पूरामुफ्ती को 10-10 साल की सजा और 18 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया है।