बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने वाले सात अध्यापकों पर विभाग मेहरबान है। जांच रिपोर्ट के बाद भी अब तक उनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई जा सकी। सरसवां व कौशाम्बी विकास खंड के एबीएसए इस मामले कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। बीएसए ने दोनों खंड शिक्षाधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिले में फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे 23 लोगों ने अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली थी। शिकायत के बाद विभाग के अफसरों ने जांच कराई तो 23 लोगों के अभिलेख फर्जी निकले। यह शिक्षक विभिन्न विकास खंड में तैनात था। बीएसए अरविंद कुमार के निर्देश पर सभी आरोपी शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया गया। एक महीने पहले दिए आदेश के क्रम में अब तक महज 16 शिक्षकों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कराई जा सकी। बाकी के सात शिक्षकों के खिलाफ अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा सकी।
कौशाम्बी और सरसवां के एबीएसए ने नहीं दिखाई रुचि
मंझनपुर। जिन सात शिक्षकों के खिलाफ अब तक रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई है। उनकी तैनाती कौशाम्बी और सरसवां विकास खंड में हैं। सरसवां के एबीएसए रिमाइंडर के बाद भी जवाब नहीं दिया। जबकि कौशाम्बी के एबीएसए ने अपना मेडिकल अवकाश ले रखा है।
गबन की रिकवरी में होगी दिक्कत
मंझनपुर। जिन फर्जी शिक्षकों ने नौकरी हथिया कर पगार पा ली है उनसे वेतन के रुप में आहरित की गई रकम की रिकवरी में काफी दिक्कत होगी। ज्यादातर लोग अदालत की शरण में जाने की फिराक में हैं। ऐसे में खुद शिक्षा विभाग के अधिकारी पचड़े में पड़ने से डर रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जिले में अब तक 23 शिक्षक फर्जी अभिलेख के सहारे नौकरी करते जांच में पकड़े गए हैं। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सरकारी धन की रिकवरी की कार्रवाई जा रही हैं। सरसवां और कौशाम्बी विकास खंड में तैनात सात शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखाई गई है। इसके लिए रिमाइंडर भेजा गया है।
अरविंद कुमार, बीएसए
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