मंझनपुर। एक अप्रैल 2005 के बाद सरकारी सेवा में आए राज्य कर्मचारियों को अंशदाई पेंशन के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था दिए जाने को लेकर कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एक मंच के नीचे आए और पुरजोर विरोध कर ज्ञापन सौंपा। गुरुवार को मुख्यालय में रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया गया।
पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोजक मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अप्रैल 2005 के बाद से सरकार ने पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी है। इस लेकर कई संगठनों ने मिलकर पुरानी पेंशन बहाली मंच बनाया। एक जुलाई 2018 से सरकार की नीति के खिलाफ संगठन आंदोलन कर रहा है। नौ अगस्त कोकेंद्रीय व राज्य कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारियों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर मंच बनाया। संगठन लगातार आंदोलन कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि अंशदाई पेंशन योजना के तहत आने वाले कर्मचारियों का पैसा शेयर बाजार में इन्वेस्ट किया जाएगा। यह पैसा मिलेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसकी शिकायत प्रधानमंत्री से भी की गई है।
अब तक समस्या का निदान नहीं किया जा सका। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि वह लोग काफी समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं। सरकार उनकी समस्या पर गंभीर नहीं है। अगर हाल यही रहा तो कर्मचारी संगठन सड़क पर उतरने को बाध्य होगा। इस मौके पर मो. नाजिम, ध्यान सिंह, रामबाबू दिवाकर, अखिलेश श्रीवास, अखिलेश कुमार, सुनील शुक्ला, राजकिशोर, सर्वेश मिश्रा समेत विभिन्न संगठनों के सैकड़ों कर्मचारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।