एंड्राइड मोबाइल पर खीचो एक्स-रे फिल्म, हो जाएगा इलाज
फिल्म के संकट की वजह जिला अस्पताल प्रशासन ने दिया विकल्प
सिर्फ फ्रैक्चर के मरीजों को दी जाती है फिल्म
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। अगर आपके पास एंड्राइड मोबाइल है तो एक रुपये में ही डिजिटल एक्स-रे की सुविधा जिला अस्पताल में मिल जाएगी। फिल्म के लिए बजट का संकट होने से अस्पताल प्रशासन ने बीच का यह रास्ता निकाला है। इस सुविधा से मरीजों को भी किसी तरह की दिक्कत नहीं हो रही है।
जिला अस्पताल में इसी साल डिजिटल एक्स-रे की सुविधा मरीजों को मिलने लगी है। अभी फिल्म के लिए बजट नहीं आने से दिक्कत हो रही थी। अस्पताल प्रशासन ने डिजिटल एक्स-रे की सेवा तो शुरू कर दी लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने से फिल्म का इंतजाम करने में पसीना छूटने लगा। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन ने जुगाड़ का सहारा लिया। दरअसल डिजिटल एक्स-रे होने के बाद कम्प्यूटर स्क्रीन पर विजन (प्रतिबिंब) आ जाता है। मरीज उसकी फोटो अपने मोबाइल फोन पर खींच कर डॉक्टर को दिखा सकता है। चिकित्सक भी उस फिल्म का जूम करके आसानी से देख लेते हैं। इससे जहां बजट का रोड़ा नहीं लग रहा है वहीं मरीजों को भी सुविधा मिल रही है।
गंभीर मामलों में ही दी जाती है फिल्म
मंझनपुर। फैक्चर या हड्डी टूटने के मामलों में ही फिल्म दी जाती है। बाकी के मामले मोबाइल पर फोटो खिंचवा कर ही निपटाए जा रहे हैं। जिन मरीजों के पास एड्राएड मोबाइल की सुविधा नहीं होती, अस्पताल कर्मी अपने मोबाइल पर उनकी फोटो खीच कर चिकित्सक को दिखाते हैं।
इनका कहना है
डिजिटल एक्स-रे की सेवा शुरू कर दी गई है। पर, बजट के अभाव में फिल्म नहीं खरीदी जा सकी। अपने स्तर पर कुछ फिल्म का इंतजाम किया गया है। मरीजों की सुविधा को देखते हुए उन्हें एंड्राएड फोन पर एक्स-रे की फोटो खींचने की इजाजत दी गई है।
डॉ. दीपक सेठ, सीएमएस, जिला अस्पताल
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हमलावरों पर कार्रवाई के लिए घेरा एसपी दफ्तर
दो दिन पहले सालेपुर में पुरानी रंजिश को लेकर चाची-भतीजे पर हुआ था हमला
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। पुरानी रंजिश को लेकर चाची-भतीजे पर हुए हमले को लेकर सालेपुर के ग्रामीणों ने शुक्रवार को एसपी ऑफिस का घेराव कर विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है हमले के दो दिन बाद भी करारी पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
करारी कोतवाली के सालेपुर गांव से आई अलीमा व उसके आठ वर्षीय भतीजे समी पर दो दिन पहले पड़ोसियों ने पुरानी रंजिश को लेकर हमला किया था। अलीमा का कहना है कि समी गेंद खेल रहा था। इसी दौरान पड़ोसी उसे पीटने लगे। बीच-बचाव के लिए वह पहुंची तो उसे भी पीटा गया। मामले की नामजद तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ितों ने एसपी प्रदीप गुप्ता से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर खुद का मेडिकल कराए जाने की मांग किया। एसपी ने पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
फोटो नं-5