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सरायअकिल कस्बे में ओडीएफ की उड़ रही खिल्लियां

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सरायअकिल कस्बे में ओडीएफ की उड़ रहीं खिल्लियां
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हाथ में लोटा लेकर सड़क किनारे सुबह शाम लगती है कतार
किसी भी वार्ड में नहीं बन सके शत-प्रतिशत शौचालय
फज्ञेटो नं-7,8
अमर उजाला ब्यूरो
सरायअकिल। नगर पंचायत सरायअकिल को ओडीएफ (खुले से शौच मुक्त) घोषित किया जा चुका है। इसके बाद भी कस्बाइयों के हाथ से लोटा नहीं छूट रहा है। सुबह-शाम कस्बे के चारों ओर सड़क किनारे महिला व पुरुष खुले में शौच कर ओडीएफ की खिल्लियां उड़ा रहे हैं। कस्बे के एक भी वार्ड में शतप्रतिशत शौचालय का निर्माण अब तक नहीं हो सका है।
नगर पंचायत सरायअकिल में कुल 13 वार्ड हैं। इन वार्डों में ओडीएफ अभियान के दौरान शौचालय निर्माण कराने के लिए 1615 का लक्ष्य निर्धारित करते हुए लोगों से आवेदन लिए गए थे। शौचालय के लिए सभी वार्डों के 1710 लोगों ने नगर पंचायत कार्यालय में आवेदन किया था। इनमें से 333 आवेदकों को अस्वीकार कर दिया गया था। अभियान के दौरान कुल 1333 शौचालयों का निर्माण कराया गया जबकि बचे हुए शौचालय आज भी निर्माणाधीन हैं। इसके बाद भी प्रत्येक वार्ड में लगभग 25-25 घर शौचालय विहीन हैं। बानगी के तौर पर वार्ड नंबर एक को लिया जा सकता है। इसमें सुभाष, श्यामलाल, राजेंद्र, गुड्डू, अमृतलाल, अमर सिंह, राम सिंह, धर्मपाल समेत 25 लोगों के घर शौचालय नहीं है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कस्बों को ओडीएफ करने में जिम्मेदारों ने कितनी संजीदगी दिखाई है। कस्बे में शतप्रतिशत शौचालय निर्माण कराए बगैर ही जिम्मेदारों ने इसे पूर्ण रूप से ओडीएफ घोषित कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है।
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बोले नागरिक-
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फोटो नं-9
शौचालय बनवाते समय कई लोगों के नाम चयन की सूची में शामिल नहीं हो सका। इसके चलते उनके घर शौचालय निर्माण नहीं हो सका। ऐसे घरों के लोगों को मजबूरन खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है।
रमेश चंद्र-अम्बेडकर नगर
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फोटो नं-10
मोहल्ले के एक सैकड़ा घरों में अभी तक शौचालय निर्माण नहीं कराया जा सका है। इसके अलावा कई लोगों को शौचालय मिला पर निर्माण अधूरा है। खुले में शौच जाना इन परिवारों की मजबूरी है।
पाले-मौलवीगंज
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फोटो नं-11
वार्ड चार व 10 के लगभग 50 परिवारों को शौचालय योजना से लाभांवित नहीं कराया गया। ऐसे परिवारों के सामने खुले में शौच जाने के सिवा कोई दूसरा रास्ता भी नहीं है।
मो. वैस- फकीराबाद
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फोटो नं-12
कागज में भले ही ओडीएफ घोषित कर दिया गया हो। पर, हकीकत में तमामघर अभ भी शौचालय विहीन हैं। इसके अलावा जिन लोगों के नाम पैसा आया है उनमें से कई लोगों के घर शौचालय नहीं बना है।
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रमेश कुमार, जगजीतपुर पतेरिया
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इनका कहना है
पुराने सर्वे के आधार पर शौचालय निर्माण कराते हुए कस्बे को ओडीएफ किया गया है। बचे हुए जिन लोगों के नए आवेदन आ रहे हैं उसकी जांच कराकर शौचालय निर्माण के लिए धन मुहैया कराया जा रहा है। निर्माणाधीन शौचालयों का काम जल्द पूरा करा दिया जाएगा।
सी.के पांडेय, ईओ नगर पंचायत सरायअकिल
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