मंझनपुर। कोरोना वायरस का हमला लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को भी जिले के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले 129 लोग पॉजिटिव निकले हैं। संक्रमितों में एसपी आवास के सात कर्मचारी भी शामिल हैं। हालांकि अच्छी बात ये रही कि गुजरे 24 घंटे के भीतर 63 मरीज ठीक भी हुए हैं।
संक्रमण की रोकथाम के लिए रोजाना की तरह बृहस्पतिवार को भी संयुक्त जिला चिकित्सालय, सीएचसी तथा पीएचसी में शिविर लगाकर 1402 संदिग्धों की कोविड जांच की गई। इस दौरान जिले के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले 129 लोग पॉजिटिव निकले। सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि सर्वाधिक 20 संक्रमित अकेले दारानगर कस्बे के हैं। इनके अलावा एसपी आवास के सात पुलिस कर्मचारी भी शामिल हैं। सभी के इलाज की व्यवस्था कराने के साथ ही इनके सपर्क में आए लोगों को चिंहित कराया जा रहा है। अच्छी बात ये रही कि इस दौरान 63 मरीज ठीक भी हुए हैं। सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जनपद के 858 कोविड पीड़ितों का इलाज चल रहा है।
ऑक्सीजन लेबल गिरने से देवीगंज के व्यापारी की मौत
सिराथू। कड़ा के कमालपुर गांव निवासी 45 वर्षीय रामनरेश उर्फ पन्नालाल साहू की देवीगंज बाजार में बैटरी व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की दुकान है। बृहस्पतिवार की सुबह पन्नालाल को अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई तो परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए। आक्सीजन लेवल लगातार गिरता देख यहां से डॉक्टरों ने उन्हें एसआरएन प्रयागराज रेफर कर दिया। एसआरएन में इलाज के दौरान पन्नालाल की सांसे थम गई। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के लेखकार का निधन
मूरतगंज। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय चायल के लेखाकार रजनीश मिश्रा का बुधवार को निधन हो गया। प्रयागराज के मेजा निवासी रजनीश को कई दिन से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। ऑक्सीजन की कमी के चलते लगातार उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार को रजनीश का निधन हो गया। रजनीश मिश्रा के निधन से परिजनों के साथ ही कॉलेज के लोगो मे शोक की लहर है।
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गंभीर रोगी अस्पताल में और कम लक्षण वाले होंगे होम आइसोलेट
मंझनपुर। अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों के लिए बेड और ऑक्सीजन को सुलभ बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी डिस्चार्ज पॉलिसी में बदलाव किया है। अब लक्षण विहीन, शुरुआती लक्षण और हल्के लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेट किया जाएगा। लेकिन, उनके घर में यदि अलग कमरा और शौचालय की व्यवस्था नहीं है तो उन्हें अस्पतालों में रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने गम्भीर रोगियों को अस्पताल में लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
कोशिश है कि अस्पतालों में गंभीर मरीजों को बेड उपलब्ध कराकर उनकी जान को बचाया जा सके।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने बताया कि शासन द्वारा जारी नई डिस्चार्ज पॉलिसी के अनुसार लक्षण विहीन होने पर सभी प्रकार के रोगियों को अस्पताल से छुट्टी देकर होम आइसोलेशन में रखने की योजना बनाई गई है। इससे गंभीर रोगियों को कोविड अस्पताल में आसानी से बेड उपलब्ध कराया जा सकेगा। सभी मरीजों से होम क्वारंटीन के दिशा-निर्देशों के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी कराए जाएंगे।
होम आइसोलेशन से पहले होगी घर की जांच
मंझनपुर। कोविड से ग्रसित लक्षण विहीन रोगी को होम आइसोलेट करने से पहले उसके घर की जांच होगी। रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) घर पर जाकर होम आइसोलेशन की सारी पात्रता की जांच करेगी। हल्के रोगी को घर के अलग कमरे और शौचालय की व्यवस्था होने पर रखा जा सकता है।
ऐसी स्थिति में रह सकते हैं एक साथ
मंझनपुर। आमतौर पर कोरोना पाजिटिव व्यक्ति को अकेले ही आइसोलेट किया जाता है, लेकिन किसी परिवार में एक साथ अनेक लोग पाजिटिव हो गए तो ऐसे में सभी एक कक्ष में रह सकते हैं।एक शौचालय का प्रयोग भी कर सकते हैं। साथ ही उनकी देखभाल करने के लिए एक अतरिक्त व्यक्ति भी होना आवश्यक है। होम आइसोलेशन प्रारंभ होने से दस दिन तक इंट्रीग्रेटेड कोविड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए फोन कर रोगियों में लक्षण के विकसित होने के संबंध में जानकारी ली जाएगी।
अलग कमरा और शौचालय न होने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती करेंगे
मंझनपुर। कोरोना पाजिटिव में लक्षण नहीं दिख रहे हैं तो उसे होम आइसोलेशन में रखा जा सकता है। पर, रोगी के घर में अलग कमरा और शौचालय न होने पर उसे अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। ऐसे संक्रमित को एल-1 में रखा जाएगा। इस बीच स्वास्थ्य कर्मी रोगी का तापमान, श्वसन दर, आक्सीजन सेचुरेशन दिन में तीन बार नापेंगे। ऐसे मरीज को प्रारंभिक जांच के दसवें दिन या भर्ती होने के सातवें दिन बिना जांच के डिस्चार्ज किया जाएगा। रोगी को उसके बाद घर पर होम आइसोलेशन में सात दिन रहना होगा।
मध्यम तीव्रता श्रेणी वाले कोरोना मरीज रखे जाएंगे एल-टू या थ्री में
मंझनपुर। स्वास्थ्य विभाग ने मध्यत तीव्रता श्रेणी में उन मरीजों को रखा है, जिनमें लोअर रेस्पिरेट्री टै्रक्ट इंफेक्शन के लक्षण हो। खांसी, बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत, नेजल फ्लेयरिंग, पसली चलना, तेज सांस की परेशानी वाले मरीजों को एल-2 या एल-3 में भर्ती किया जाएगा। इलाज के बाद यदि मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है और उसमें लक्षण भी प्रदर्शित नहीं हो रहे है तो ऐसे रोगी को जांच के बाद होम आईसोलेशन के लिए डिस्चार्ज किया जाएगा।
खास बातें
-सभी प्रकार के मरीजों को डिस्चार्ज किए जाने के बाद कोविड फैसिलिटी में भर्ती रहने की अवधि में पहने गए कपड़ों को विसंक्रमित कर दिया जाए।
-कपड़ों को गर्म पानी में डिटर्जेट के साथ अच्छी तरह से धुलवाने के बाद ही प्रयोग करें।
-डिस्चार्ज होने के बाद मरीज का मोबाइल, जूते-चप्पल, अन्य सभी सामग्री को एल्कोहल बेस्ड सेनेटाइजर से साफ कर लें।