बारा (ब्यूरो)। कौशाम्बी विकास खंड में संचालित सहज जन सेवा केंद्र गांव के बजाए संचालकों ने मनमाने तरीके से जगह का चयन किया है। इससे ग्रामीण सरकारी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
विकास खंड इलाके में कुल 55 सहज जन सेवा केंद्र खोले गए हैं। सरकार की मंशा थी कि गांव में केंद्र खोलकर लोगों को आय, जाति, निवास, खतौनी, बैकिंग, बिजली का बिल आदि सुविधा का लाभ मिल सके। संचालकों की मनमानी की वजह से लोगों को सुविधा का लाभ गांव में नहीं मिल रहा है। क्षेत्र के मोहीउद्दीनपुर, कोरांव, रक्सराई, गोइठा आदि गांवों में सहज केंद्र हैं।
लेकिन संचालन इन गांवों में नहीं हो रहा है। विजिया चौराहे से लेकर कौशाम्बी इंटर कॉलेज के बीच चार सहज केंद्र हैं, जिनका लाइसेंस गांवों के नाम पर बना है। भाजपा नेता ज्ञानेद्र कोरी, भूपेद्र तिवारी, रोहित मिश्र, रामानंद सरोज आदि ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की है। इस बाबत सहज जनसेवा केंद्र के जिला मैनेजर प्रभात त्रिपाठी का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।