भगवान भरोसे हैं दोआबा के ग्रामीण बैंकों की सुरक्षा
बैंक डकैती कांड के बाद भी बैंकों में नहीं दिखी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक डोरमा में बुधवार को दिन दहाड़े दस लाख की लूटपाट के बाद भी पुलिस ने अपना रवैया नहीं बदला। गुरुवार को अमर उजाला ने बैंकों की सुरक्षा को लेकर रियलिटी चेक किया तो चौंकाने वाली बाते सामने आई। बैंक में कामकाज के वक्त पुलिस दूर-दूर तक नहीं दिखी।
बैंकों की सुरक्षा को लेकर हर तीसरे महीने पुलिस और प्रशासन के अफसर हर तीसरे महीने बैंकर्स के साथ बैठक करते हैं। बैठक में सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी कमरे लगाने आदि की बात कही जाती है। पुलिस भी बैंकर्स को सुरक्षा देने का पूरा भरोसा देती है। लेकिन यह सब कागज तक ही सीमित रहता है। पुलिस ने बैंकों की सुरक्षा के मापदंड को शायद कभी चेक ही नहीं किया। वहीं बैंक के जिम्मेदार आम जनता की गाढ़ी कमाई को लेकर बेफिक्र नजर आ रहे हैं।
बैंकों में हाजिरी लगाकर चली जाती है पुलिस
फोटो
सरायअकिल (ब्यूरो)। कस्बे में कुल सात बैंक है। इन बैंकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस बेखबर है। यहां पर कभी कभार पुलिस वाले हाजिरी लगाने आते हैं। करन चौराहे पर पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा स्थित हैं। फकीराबाद चौराहे पर एसबीआई, एचडीएफसी, बड़ौदा ग्रामीण बैंक हैं। बस स्टैंड और बेनीराम कटरा में बीओबी की शाखा है। इन बैंकों की सुरक्षा खुद के जिम्मे हैं। बैंकों में लगा सीसीटीवी कैमरा व अलार्म ठीक मिला। करन चौराहा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक अमित व बड़ौदा ग्रामीण बैंक के प्रबंधक श्याम मोहन का कहना है कभी-कभार ही पुलिस आती है। बैंक के गार्ड के भरोसे ही सुरक्षा कराई जाती है। बस स्टाफ के पास स्थित बीओबी के प्रबंधक एपी सिन्हा ने बताया यह शाखा काफी पुरानी है। यहां अंतिम बार पुलिस 29 सितंबर को आई थी और रजिस्टर चेक कर अपनी आमद लिखकर वापस हो गई।
------
सीसीटीवी के भरोसे सुरक्षा
फोटो
कोखराज (ब्यूरो)। कोखराज थाने का भरवारी कस्बा प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठान है। यहां बड़ौदा ग्रामीण बैंक में एक भी सुरक्षा गार्ड नहीं है। सुरक्षा के लिए चार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। भरवारी पुलिस चौकी के सिपाही की ड्यूटी लगती है। लेकिन उसके पास तीन बैंक का जिम्मा होता है। इस वजह से वह नियमित किसी बैंक पर बैठ नहीं पाता।
----
मोबाइल पर खेलता मिला गार्ड, नदारत रही पुलिस
करारी (ब्यूरो)। कस्बे में तीन बैंक है। स्टेट बैंक की शाखा में अलार्म और सीसीटीवी लगा हुआ है। बैंक का गार्ड मेनगेट के बजाय अंदर केबिन में बैठा था। बैंक ऑफ इंडिया में भी गार्ड था लेकिन वह सुरक्षा के बजाय मोबाइल पर खेलने में ज्यादा बिजी था। यहां पर भी सीसीटीवी व अलार्म की व्यवस्था थी।
---
चायल में दो बैंकों की सुरक्षा पुलिस के भरोसे
चायल। कस्बे में एसबीआई, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की शाखा है। यहां पर सीसीटीवी व अलार्म दुरुस्त रहा। इसके अलावा दो अन्य बैंक भी हैं। एसबीआई और कारपोरेशन बैंक में खुद के गार्ड हैं, बाकी दो बैंकों की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस के भरोसे रहता है।
-----
इनका कहना है
बैंकर्स को सुरक्षा के लिए गार्ड, सीसीटीवी कैमरा, अलार्म और नोटिस बोर्ड पुलिस की हेल्प लाइन सेवा के नंबर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। समय-समय पर इसकी रुटीन चेकिंग भी कराई जाएगी।
प्रदीप कुमार गुप्ता-एसपी