मंझनपुर। सोशल साइट्स पर अभद्र टिप्पणी करना अब महंगा पड़ेगा। डीजीपी के निर्देश पर जिले की सभी कोतवालियों में डिजिटल वालेंटियर का गठन हो गया है। ये वालेंटियर साइटों पर नजर रखेंगे। किसी ने आपत्तिजनक पोस्ट की तो तत्काल इसकी जानकारी पुलिस को देंगे। फिर पुलिस फौरन आरोपी को गिरफ्तार करेगी।
सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक, ह्वाट्सएप, ट्विटर और इंस्टाग्राम आदि पर अभद्र टिप्पणी किए जाने की शिकायतें आम हो चुकी हैं। यूजर जो मन में आया लिख देते हैं। लोग राष्ट्रीय स्तर की सियासत करने वालों को भी नहीं बख्शते। पीएम मोदी तक के लिए कई बार असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर दिया जाता है। ऐसा करने वाले यूजरों से निपटने का पुलिस ने रास्ता खोज निकाला है। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) ओपी सिंह के निर्देश पर जिले की सभी कोतवालियों में डिजिटल वालेंटियर बनाए गए हैं। इन्हें वाट्सएप के एक ग्रुप में जोड़ा गया है। ग्रुप में 250 लोग हैं। सभी संभ्रांत और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले हैं। वालेंटियर का काम सोशल साइटों पर निगाह रखना होगा। आपत्तिजनक पोस्ट होते ही वह पुलिस को इत्तला करेंगे। इसके बाद पुलिस आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
डीजीपी ने पखवाड़े भर पहले बाकायदा एक प्रपत्र भेजा है। इसके कॉलमों में डिजिटल वालेंटियर का नाम-पता, उसका मोबाइल नंबर, फोटो, ई-मेल आईडी, सोशल साइटों की आईडी आदि मांगी गई जानकारी दर्ज करनी होगी। भरे जाने के बाद यह प्रपत्र पांच दिनों के भीतर डीजीपी कार्यालय को भेजना होगा। पुलिस प्रपत्र तैयार कर रही है। डिजिटिल वालेंटियर का प्रपत्र भरकर देने में जिले की पुलिस मनमानी कर रही है। अभी तक किसी भी कोतवाली से भरा हुआ प्रपत्र एसपी कार्यालय तक नहीं पहुंचा है। इसकी जानकारी होने पर शनिवार को एसपी प्रदीप गुप्ता ने कोतवालों को फटकार लगाई। 24 घंटे के भीतर प्रपत्र भरकर भेजने का निर्देश दिया।वहीं एसपी का कहना है कि डिजिटल वालेंटियर का गठन कर लिया गया है। इनका काम सोशल साइटों पर नजर रखना होगा। वालेंटियर की सूचना पर पुलिस अभद्र पोस्ट करने वाले के खिलाफ कार्रवाई करेगी।