रेप पीड़िता के पिता की
संदिग्ध हालत में मौत
- मुकदमे में पैरवी के लिए कचहरी जा रहा था
- आक्रोशित परिजनों ने कोतवाली में किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
चरवा (कौशाम्बी)। बेटी से हुए रेप के मुकदमे की पैरवी के लिए कचहरी जा रहे पिता की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। घटना को लेकर परिवारवालों ने कोतवाली में जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि आरोपियों के घरवालों ने ही हत्या की है। वह लोग पहले से ही मुकदमे में सुलह का दबाव बना रहे थे। शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
चरवा कोतवाली इलाके के एक गांव में रहने वाली युवती 27 अगस्त को घर से संदिग्ध हालत में लापता हो गई थी। इस मामले में किशोरी के घरवालों ने चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 31 अगस्त को किशोरी को बरामद कर लिया। अदालत में किशोरी का बयान कराया गया। परिजनों का कहना है कि किशोरी ने अपहरण और दुष्कर्म का बयान दिया। इस पर पुलिस ने पास्को एक्ट में धारा को तरमीम कर विवेचना शुरू की। इसी मामले की पैरवी के लिए गुरुवार की सुबह किशोरी का पिता जिला कचहरी आ रहा था। रास्ते में संदिग्ध हालत में उसकी मौत हो गई। किशोरी के घरवालों का कहना है कि एक सितंबर को घटना के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। बाकी आरोपी बाहर हैं। वह लोग बराबर सुलह का दबाव बना रहे थे। गुरुवार को भी उन लोगों ने किशोरी के पिता को मुकदमा वापस लेने की धमकी दी थी। इसके बाद भी किशोरी का पिता कचहरी के लिए निकला। वहीं चर्चा रही कि आरोपी पक्ष के लोगों ने रास्ते में एक चाय की दुकान में किशोरी के पिता को रोका था। वह लोग सुलह की बात कर रहे थे। इसी बीच चाय में नशीला पाउडर डाल कर पिता को मार डाला गया। घटना की जानकारी की के बाद परिवार के लोग शव लेकर चरवा कोतवाली पहुंच गए। वह लोग नामजद किए गए आरोपितों पर हत्या का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझा कर शांत कराया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस बाबत चरवा के इंस्पेक्टर पीके राय का कहना है किशोरी के पिता की मौत कैसे हुई? यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा।