सिराथू। सपा के राज्य सभा सांसद रेवती रमण सिंह सोमवार को चक बख्तियारा गांव पहुंचे। किसान रामबाबू के परिजनों से मुलाकात करने के बाद उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए सरकार जिम्मेदार है। कर्ज माफी के मामले की सरकार की ओर से हीलाहवाली होने के कारण किसान ने फांसी लगाकर जान दी है। सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार का दर्द साझा किया तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद ने दो लाख देने का वादा किया। इससे किसान का कर्ज माफ नहीं होने वाला है। पीड़ित परिजनों को सरकार एक करोड़ का मुआवजा व एक नौकरी दे।
राज्य सभा सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह सोमवार दोपहर करीब दो बजे चक बख्तियारा गांव पहुंचे। सांसद के आने की खबर सपाईयों को हो गई थी। यही कारण है कि सांसद के साथ बड़ी संख्या में चक बख्तियारा गांव सपाई पहुंचे थे। सांसद किसान रामबाबू की पत्नी उर्मिला, बेटे बृजेंद्र, देवेंद्र और राघवेंद्र के अलावा बेटी से भी मिले। सांसद ने कहा कि घटना दुखद है। कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी।
यह घटना सरकार की नाकामी को बता रहा है। पीड़ित परिवार से कहा कि सपा इस मामले में सरकार को घेरेगी और मांग करेगी कि सरकार एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे, साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे। सांसद ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी किसानों को ढाई गुना लागत का मिलेगा। साथ ही उनका कर्ज माफ होगा। न तो किसानों को ढाई गुना लागत का मिल रहा है, न ही किसानों का कर्ज माफ हो रहा है। पहले महाराष्ट्र के किसान आत्महत्या करते थे। अब उत्तर भारत के किसान जान दे रहे हैं। सरकार ने एक लाख तक का कर्ज माफ करने की बात की है। इससे किसानों को क्या फायदा होगा। इससे ज्यादा का जिनके ऊपर कर्जा है, वह क्या करेंगे। वह भी ऐसी ही आत्महत्या करेंगे।
कहा कि रामबाबू की मौत के लिए सरकार दोषी है। प्रशासन की भी इसमें लापरवाही है। प्रशासन को भी जवाब देना होगा। कहा कि भाजपा अपने तीन साल के कार्यकाल का गुणगान कर रही है। यही उसकी कामयाबी। किसानों पर गोली चलाई जा रही है। किसान फांसी लगा रहा है। सपा चुप नहीं बैठने वाली, वह सरकार को हर मोर्चे पर घेरेगी और जवाब मांगेगी। सांसद के साथ जिलाध्यक्ष खड्ग सिंह पटेल, अश्वनी सिंह, कैलाश केशरवानी, कासिम हुसैन, गुलाम हुसैन, डॉ. जैनुल, मुजाहिद हुसैन, डॉ. असलम, भानु प्रताप, उदय यादव आदि लोग मौजूद रहे।
रामबाबू की मौत के लिए सरकार जिम्मेदार: रेवती
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कर्ज के कारण किसान ने की थी आत्महत्या, पीड़ित परिवार को एक करोड़ व एक नौकरी की मांग
कहा पूर्व सीएम अखिलेश ने साझा किया दर्द तो जागी सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
सांसद के आने पर चौकन्ना रहा प्रशासन
सांसद रेवती रमण के आने की सूचना पर प्रशासन अलर्ट रहा। गांव में सुरक्षा का बंदोबस्त किया गया था। इसके अलावा एलआईयू भी सक्रिय रही। सांसद के आने से पहले व बाद की एक-एक जानकारी अधिकारियों को दी गई। सांसद ने किससे क्या बातचीत की और क्या कहा, इसकी भी सूचना अधिकारियों को दी गई। सांसद के जाने के बाद ही प्रशासन ने राहत की सांस ली। अधिकारियों को आशंका थी कि सांसद के आने के बाद किसान आक्रोश में आकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं।
राजनीतिक दलों के लिए अखाड़ा बना चक बख्तियारा
सभी दल किसान की मौत के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरने में लगे