मंझनपुर। प्रयागराज में होने वाले कुंभ के चलते जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं बेपटरी हो चुकी है। पहले से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे महकमे के 22 डॉक्टरों को कुंभ मेला ड्यूटी में लगाया गया है। ऐसे में जिले के सरकारी अस्पतालों के संचालन में इन दिनों ‘जुगाड़’ का सहारा लिया जा रहा है।
कौशाम्बी में एक जिला अस्पताल और 13 पीएचसी व सीएचसी हैं। इसके अलावा 29 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिले के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पीएचसी, सीएचसी व न्यू पीएचसी में 104 डॉक्टरों के पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष जिले में महज 85 चिकित्सकों की तैनाती शासन से हुई है। इन चिकित्सकों में 16 डॉक्टर ऐसे हैं जो काफी समय से गैर हाजिर चल रहे हैं। इसके अलावा छह चिकित्सक ट्रेनिंग पर गए हैं। अब कुंभ मेला में जिले से ही 22 चिकित्सकों को ड्यूटी पर लगाया गया है। इस तरह कार्यरत रहे चिकित्सकों में 44 कम हो गए। अब स्वास्थ्य महकमें के पास महज 41 चिकित्सक ही शेष बचे हैं। इन्हीं चिकित्सकों से किसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं की गाड़ी खिंचवाई जा रही है।
ऐसा लगाया गया जुगाड़
मंझनपुर। जिन अस्पताल में दो या तीन चिकित्सक थे, उन्हें दूसरे अस्पतालों से जोड़ा गया है। पीएचसी व सीएचसी में इमरजेंसी सेवा 24 घंटे की होती है। ऐसे में कभी-कभी चिकित्सक को 24 घंटे की ड्यूटी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जिले से कम हुआ 101 स्टाफ
मंझनपुर। कुंभ मेले के लिए चिकित्सक के अलावा फार्मेसिस्ट, स्टाफ नर्स की भी ड्यूटी लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग से 22 चिकित्सकों समेत 101 लोगों की टीम कुंभ मेले के लिए रवाना हो गई है।
16 चिकित्सकों पर विभाग की नहीं है नकेल
मंझनपुर। जिले में तैनात 16 चिकित्सक काफी दिनों से गैर हाजिर चल रहे हैं। उनके अवकाश का भी कोई प्रार्थना पत्र नहीं है। विभाग की नोटिस का भी उनकी तरफ से जवाब नहीं आ रहा। इन चिकित्सकों के खिलाफ सेवा समाप्त किए जाने की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
कुंभ मेला के लिए चिकित्सा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। चिकित्सकों से जाने से कुछ दिक्कत है। फिलहाल जिन अस्पतालों में दो या उससे ज्यादा चिकित्सक तैनात वहां के चिकित्सकों को दूसरे अस्पताल से जोड़ा गया है।
डॉ. पीएन. चतुर्वेदी, सीएमओ