मंझनपुर। जिला कचहरी के पास एक भूमि को लेकर अधिवक्ता व पूर्व चेयरमैन नरेश चंद्र केसरवानी के बीच मारपीट को लेकर बुधवार को कचहरी संगीनों के साए में रही। संभावित बवाल की आशंका में पीएसी के अलावा कई थानों की फोर्स लगाई गई थी।
जिला कचहरी के सामने मंझनपुर के पूर्व चेयरमैन नरेशचंद्र केसरवानी की भूमिधरी जमीन है। इस जमीन के आगे ग्राम समाज की जमीन पड़ी है। अधिवक्ता उस जमीन पर अपना चैंबर बनाना चाह रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा है। मंगलवार को जमीन की पैमाइश के लिए राजस्वकर्मी पहुंचे थे। इसी दौरान पूर्व चेयरमैन और अधिवक्ताओं के बीच मारपीट हो गई। बवाल होने पर सदर कोतवाली पुलिस और प्रशासन के अफसर भाग निकले। इसे लेकर बुधवार को कचहरी में बवाल की आशंका थी। कचहरी के चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवानों को लगाया गया था। पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच नूराकुश्ती भी हुई लेकिन किसी तरह का बवाल नहीं हुआ।
वकीलों ने विकास भवन में जड़ा ताला, गेट पर जाम
मंझनपुर। पूर्व चेयरमैन नरेश चंद्र केसरवानी और वकीलों के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस और वकीलों के बीच कचहरी में ही नूराकुश्ती हुई। वकीलों ने कचहरी के बगल स्थित विकास भवन में ताला बंद कर सड़क पर जाम कर दिया।
अधिवक्ता संघ ने कचहरी परिसर में बैठक करने के बाद अपना विरोध प्रदर्शन शुरु किया। कचहरी से लेकर कलक्ट्रेट और जिला पंचायत गेट पर पुलिस लगाई गई थी। हालांकि अधिवक्ता सड़क पर तो नहीं निकले लेकिन उनका गुस्सा कचहरी परिसर में उतरा। विकास भवन के गेट में ताला बंद कर दिया गया। इसकी वजह से विकास भवन के कर्मचारी अपने दफ्तर से खिसक लिए। इसके अलावा परिसर में स्थित टुल्लन केसरवानी की दुकान में तोड़फोड़ की गई। यह सारा तमाशा होता गया और पुलिस लोगों को समझाने में लगी रही। शाम होने के बाद पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने राहत की सांस ली।