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एक शिक्षक के भरोसे 167 विद्यार्थी

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मंझनपुर। सिराथू ब्लॉक के देवखरपुर गांव में संचालित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय माडर्न स्कूल की हालत खराब है। शिक्षण सत्र के चार महीने बाद भी यहां शिक्षक एवं शिक्षणेतर कर्मचारियो की तैनाती नहीं की गई है। एक मात्र अटैच प्रिंसिपल गेट का ताला खोलते है और बच्चे स्कूल में झाड़ू लगाते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। छात्रों के प्रदर्शन के बावजूद प्रशासन ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। इससे छात्रों-अभिभावकों में आक्रोश है।
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करोड़ों की लागत से देवखरपुर गांव में पं दीन दयाल उपाध्याय मॉ़डर्न इंटर कॉलेज खोला गया है। अप्रैल से शिक्षण सत्र शुरू हो गया। छठवीं क्लास से लेकर इंटर तक के (बालक-बालिका) 167 बच्चों का दाखिल भी हो गया। छठवीं में 81 और नौंवी में 86 बच्चों का पंजीकरण हुआ है। मानक के हिसाब से स्कूल में एलटी, प्रवक्ता, लिपिक और चपरासी मिलाकर 36 पद सृजित हैं। इसके विपरीत यहां एक भी स्टाफ की तैनाती नहीं की गई है। राजकीय इंटर कॉलेज अर्का महावीरपुर के प्रवक्ता अतुल कुमार निगम को यहां बतौर प्रिसिंपल अटैच किया गया है। स्कूल में पंजीकृत बच्चों को शिक्षण सत्र के चार महीने बाद भी किसी बच्चे को कॉपी-किताब तक नहीं मुहैया कराई जा सकी है। यूनिफार्म, जूता-मोजा और बैग दिए जाने की योजना भी हवा-हवाई साबित हो रही है। मजबूरी में अभिभावक अपने बच्चों को दूर-दराज के निजी स्कूलों में दाखिला कर रहे हैं।

मॉडर्न स्कूल देवखरपुर चार गांवों की सीमा पर बना है। स्कूल के पूर्वी भाग में निजामपुर नौगीरा, दक्षिण में कोड़र व हिसामपुर बहरेमऊ, पश्चिम में भगौतापुर, शिवपुर गढ़ी और उत्तर में मोहीउद्दीनपुर बेला, देवखरपुर, पतेरिया आदि गांव से घिरा है। यहां की आबादी करीब 18 हजार है। इन गांवों में जूनियर तक के स्कूल के बाद सरकारी और गैर सरकारी स्तर के इंटर कॉलेज नहीं है। नौगीरा निवासी रामप्रताप बताते है कि स्कूल को लेकर क्षेत्र के अभिभावकों को काफी उम्मीदें थीं। बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना लेकर यहां छह और कक्षा नौ में दाखिला कराने वाले छात्र एवं अभिभावक पछता रहे हैं।
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प्रदेश सरकार ‘बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ’ योजना पर जोर दे रही है। यह कार्यक्रम सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। इसके बाद भी यहां के हालात काफी बदतर है। मॉडर्न स्कूल देवखरपुर के समीप पड़ने वाले देवखरपुर, निजामपुर नौगीरा, हिसामपुर बहरेमऊ, कोड़र, मलकिया, मोहीउद्दीनपुर बेला, गढ़ी, भगौतापुर, अचाकापुर, सेहिया आमद करारी, मवई केवट, फदिहतापुर आदि गांव में करीब 18 हजार की आबादी है। इलाके में एक भी इंटर कॉलेज नहीं है। लड़के तो साइकिल से दुर्गा देवी इंका ओसा (दस किलोमीटर) चले जाते हैं। लेकिन लड़कियों के साथ समस्या आती है। निजामपुर नौगीरा के पूर्व प्रधान सुशील कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि गरीब परिवार की लड़कियों में करीब 40 फीसदी आठवीं के बाद आगे के स्कूल का मुंह नहीं देख पाती। मंझनपुर के जिन निजी स्कूलों के वाहन बच्चों को लेने के लिए आते हैं वहां की फीस काफी ज्यादा है।

मंझनपुर। मॉडर्न स्कूल में 18 सौ बच्चों का दाखिला करने की क्षमता है। यहां पर प्रैक्टिकल करने के लिए लैब का निर्माण कराया गया। लैब में एक भी उपकरण नहीं है। अगर दाखिला इंटर का भी हुआ तो पंजीकरण कराने वाले छात्र के भविष्य का खुद अंदाजा लगाया जा सकता है। मॉडर्न स्कूल में बिजली का कनेक्शन हो चुका है लेकिन ट्रांसफार्मर से बिजली नहीं जोड़ी जा सकी है। स्कूल के कार्यवाहक प्रिंसिपल अतुल कुमार निगम का कहना है बिजली कर्मी कनेक्शन जोड़ने के लिए 25 सौ रुपये रिश्वत मांग रहे हैं। अवर अभियंता मंझनपुर से इसकी शिकायत भी की गई। विद्युतीकरण के अभाव में सबमर्सिबल भी नहीं चलता है। बच्चे पास स्थित गौरव श्रीवास्तव के सबमर्सिबल से पानी लाकर पीते हैं।
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