कड़ा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ शुरू हुई लामबंदी
सत्ता पक्ष के इशारे पर लाया जा सकता है अविश्वास
शनिवार को हुई बैठक में गूंजे विरोध के स्वर
कड़ा (ब्यूरो)। चायल व सिराथू के बाद अब कड़ा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ सदस्यों ने लामबंदी शुरू कर दिया है। ब्लॉक प्रमुख बनाने में इलाके के जिन लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी वह भी विरोध में खड़े नजर आने लगे हैं। सत्ता पक्ष के इशारे पर बीडीसी सदस्य कभी भी अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। शनिवार को ब्लॉक कक्ष में हुई बीडीसी की बैठक में गूंजे विरोध के स्वर इस ओर साफ इशारा कर रहे हैं।
कड़ा ब्लॉक परिसर में शनिवार को प्रमुख ने बीडीसी सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में विकास कार्यों को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान सदस्यों ने क्षेत्र में विकास कार्य न कराए जाने का मुद्दा प्रमुखता से रखा। आरोप है कि ब्लॉक प्रमुख बीडीसी सदस्यों को इस मुद्दे पर संतुष्ट नहीं कर सके। इसे लेकर 86 में से लगभग 50 बीडीसी सदस्य ब्लॉक प्रमुख के विरोध में खड़े नजर आए। बैठक में गूंजे विरोध के स्वर ब्लॉक परिसर से बाहर पहुंचे तो सत्ता पक्ष के लोगों ने इसे भुनाने की कवायद शुरू कर दिया। सूत्रों की माने तो सत्तापक्ष के लोग बीडीसी सदस्यों के पास संपर्क साधने लगे हैं। खास बात तो यह है कि अविश्वास की कवायद में वह चेहरे भी नजर आ रहे हैं जिन्होंने ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी जिताने के लिए कड़ी मशक्कत की थी। बहरहाल अब तक की कवायद से साफ है कि आने वाले दिनों में ब्लॉक प्रमुख कड़ा के खिलाफ सदस्यों द्वारा अविश्वास की पहल करना तय है। इसे लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार भी गर्म है।
सैनी कोतवाली क्षेत्र में हो रहा मिट्टी का अवैध खनन
कड़ा व सादीपुर के जंगल से रात में बलुई मिट्टी का होता परिवहन
ईट कारोबारियों के हाथों मिट्टी बेचकर मालामाल हो रहे कारोबारी
कड़ा (ब्यूरो)। सैनी कोतवाली क्षेत्र में मिट्टी का अवैध खनन जोरों पर हो रहा है। शाम के पांच बजते ही निर्धारित क्षेत्र में मिट्टी का खनन करने वाले सक्रिय हो जाते हैं। अवैध खनन की मिट्टी को ईट कारोबारियों के हाथों बेंचकर कारोबारी जहां मालामाल हो रहे हैं वहीं महकमे को राजस्व की भारी चपत लगाई जा रही है।
ईट बनाने में बलुई मिट्टी बेहद कारगर है। कारोबारियों की माने तो बलुई मिट्टी लगाए जाने से ईट अन्य मिट्टी की तुलना में अधिक लाल व पकी नजर आती है। इससे ईट की कीमत कारोबारियों को अच्छी मिलती है। इसे लेकर ईट कारोबारी मिट्टी का अवैध खनन करने वालों से संपर्क कर मुंह मांगी रकम देते हैं। मिट्टी की अधिक मांग होने के कारण अवैध खनन करने वालों ने इन दिनों कड़ा व सादीपुर गांव की सीमा पर स्थित जंगल को निशाना बनाया है। शाम के पांच बजते ही अवैध खनन करने वाले जंगल में ट्रैक्टर व जेसीबी लेकर कूद पड़ते हैं। खास बात यह है कि मिट्टी का अवैध खनन करने वाले ट्रैक्टर रातभर सैनी कोतवाली क्षेत्र के ईट भट्ठों तक फर्राटा भरते हैं। पर, पुलिस मूक दर्शक बनकर देखती रहती है। उधर, बलुई मिट्टी को ईट कारोबारी हाथोहाथ खरीद ले रहे हैं। इससे खनन करने वालों व ईट कारोबारियों को फायदा तो हो रहा है पर खनन विभाग को भारी चपत लग रही है। स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मिट्टी के अवैध खनन को लेकर तनिक भी संजीदा नहीं दिख रहे हैं।