मंझनपुर। कौशाम्बी के रास्ते गोवंश की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। एडीजी कानून व्यवस्था के क्लास लेने पर सकते में आए महकमें ने दो साल पुराने मामलों की भी फाइल फिर से खोलने का फैसला लिया है। शुक्रवार को खुद एसपी पूरे मामले की समीक्षा करेंगे।
एडीजी ला एंड आर्डर आनंद कुमार ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिया समीक्षा की। इस दौरान पता चला कि फतेहपुर और कौशाम्बी के रास्ते गोवंश की तस्करी की जा रही है। इसे लेकर दोनों जिलों के कप्तान एडीजी के निशाने पर थे। अफसर की फटकार के बाद सकते में आए पुलिस विभाग ने दो साल में दर्ज गोवंश तस्करी, गो मांस आदि से जुड़े मामलों के आरोपियों की कुंडली खंगालेगी। जिस वाहन में गोवंश बरामद हुए, उसके वाहन स्वामी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई।
पुलिस ने विवेचना में किन लोगों का नाम निकाला। इसके अलावा तमाम बिन्दुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। माना जा रहा है कि पुलिस की इस कवायद से माना जा रहा है कि जिले के उन दरोगाओं पर भी संकट के बादल हैं जो पिछले दिनों पशु तस्करी के मामलों में कुछ लोगों को क्लीन चिट दे चुके हैं, फिर विवेचना में किसी का नाम बाहर कर चुके हैं। इस बाबत एसपी प्रदीप गुुप्ता का कहना है कि शुक्रवार को दो बजे सारे थानेदारों ने इस तरह की रिपोर्ट के साथ बैठक की जाएगी। इस बाबत सभी को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल 40 मुकदमें ऐसे हैं जिन पर कार्रवाई हो सकती है।