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दौड़भाग के बीच गुजरा उम्मीदवारों का दिन

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दौड़भाग के बीच गुजरा उम्मीदवारों का दिन
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घोर व्यस्तता के बीच खाने-पीने तक की नहीं मिली फुर्सत
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। निकाय चुनाव के लिए मैदान में ताल ठोंक रहे उम्मीदवार बुधवार को दिनभर हांफते-कांपते रहे। पल भर के लिए भी इन्हें चैन नहीं मिला। खासकर प्रमुख दल के प्रत्याशियों का दिन तो दौड़-भाग में ही गुजरा। शाम को बैलेट बॉक्स स्ट्रांग रूम में जमा होने के बाद ही राहत की सांस ली।
जिले की करारी, सिराथू, अजुहा, मंझनपुर, चायल और सरायअकिल समेत सभी छह नगर पंचायतों से चेयरमैन और सभासद पद के लिए 467 उम्मीदवार चुनावी समर में कूदे हुए हैं। इन सबने वोट बटोरने की हर संभव कोशिश की थी। कस्बे का चप्पा-चप्पा खंगाल रखा था। मतदाताओं के हाथ पैर जोड़ने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी थी। बुधवार को मतदान का महापर्व आया तो सर्द मौसम के बाद भी उम्मीदवार पसीना छोड़े दिखे। देखा गया कि भाजपा, बसपा, सपा समेत सभी दल और निर्दलीय प्रत्याशियों की गाड़ी सुबह भोर से ही फर्राटे भरने लगी थी। सात बजे के बाद उम्मीदवारों ने बूथों पर पहुंचना शुरू कर दिया। पूरे दिन वह बस्ती से लेकर बूथों का चक्कर काटते रहे। इस दौरान फोन पर इलेक्शन एजेंट व पोलिंग एजेंटों से भी बातचीत करते रहे। भागमभाग के बीच कई उम्मीदवारों को दिनभर भोजन-पानी तक नहीं नसीब हुआ। व्यस्तता इस कदर रही कि दिन कब गुजर गया, कुछ पता ही नहीं चला। शाम को वोटिंग खत्म होने के बाद बैलेट बाक्स सील होकर स्ट्रांग रूम में जमा हुआ तब जाकर सभी ने राहत की सांस ली। इसके बाद करीबियों संग बैठकर चुनावी जोड़-घटाना शुरू हुआ। जो देर रात तक चला।
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दिनभर सन्नाटे के बाद नगरों में शाम को लौटी रौनक
मतदान की वजह से प्रमुख नगर पंचायतों में नहीं दिखी चहल-पहल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। आम तौर पर सुबह से शाम तक गुलजार रहने वाले प्रमुख कस्बों के चौराहों पर बुधवार को दोपहर में भी सन्नाटा पसरा रहा। गलियों के साथ बाजार भी वीरान दिखे। यह हाल जिले भर की सभी नगर पंचायतों का रहा।
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दोआबा के प्रमुख बाजारों में शुमार मंझनपुर, करारी, सरायअकिल, चायल, सिराथू, अजुहा कस्बे में आमतौर पर सुबह से शाम तक चहल-पहल रहती है। पर, मतदान के दिन देखा गया कि हर जगह सन्नाटा पसरा हुआ था। कहीं-कहीं पर एक-दो चाय पान की दुकानें भर खुली थीं। बस अड्डों पर बंदी सरीखे हालात के साथ साधनों का भी अभाव था। इसकी वजह से आम लोगों को घोर परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह स्थिति सुबह से शाम छह बजे तक रही। इसके बाद दुकानों के शटर उठे और लोग सड़कों पर निकले। तब जाकर रौकन देखने को मिली। इस दौरान कस्बों की गलियों तक में वीरानी छाई रही। शाम का नजारा देखकर ऐसा लग रहा था जैसे अभी-अभी दो-चार घंटे के लिए कर्फ्यू हटा है।
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