निकाय चुनाव के खामोश वोटरों ने प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ा दी है। उम्मीदवार बूथों का जायजा लेने के दौरान पोलिंग एजेंटों से मतदाताओं के रुख की जानकारी लेेते रहे। हालांकि बूथ अभिकर्ता भी रुझान देने में असमर्थ रहे। पुरुषों की अपेक्षा मतदान के लिए महिलाओं में कुछ ज्यादा ही उत्साह दिखा।
निकाय चुनाव के लिए बुधवार को वोट डाले गए। अपना मुखिया चुनने के लिए जोश से मतदाता घरों से निकले, लेकिन खामोशी की चादर ओढ़कर बूथों पर लाइन में खड़े हो गए। नंबर आने पर मतदान किया। चुनाव प्रचार से लेकर वोट देने तक वोटरों की चुप्पी ने प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ा दी है। मतदाताओं की चुप्पी से परेशान सभी दल के उम्मीदवार बूथों का जायजा लेने के दौरान सुबह से शाम तक अपने पोलिंग एजेंटों के माध्यम से मतदाताओं के रुख की जानकारी लेते रहे। वहीं बूथों पर दिखा मतदाताओं का उत्साह, वोटरों की लंबी-लंबी लाइन थी। सपा, भाजपा, बसपा समर्थकों का दावा रहा है कि उन्हें सभी वार्डों के लोगों का समर्थन मिला है। हलांकि निर्दल भी किसी से कम नहीं रहे। बूथों पर पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में कुछ ज्यादा ही उत्साह दिखा। अब मतदाताओं की पहली पसंद कौन होगा। यह तो 1 दिसम्बर को वोटों की गिनती के बाद ही पता चलेगा। वहीं प्रेक्षक राम मनोहर मिश्र के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा और एसपी प्रदीप गुप्ता ने मतदान के दौरान बूथों का जायजा लिया।