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मार्केट से गायब हो गए सौ रुपये के नोट

Fri, 11 Nov 2016 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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हजार और पांच सौ के नोट बंद होने के बाद सौ के नोट बाजार से गायब हो गए हैं। चाय-पान, नाश्ता के दुकानदारों के पास रखे दस, 20 और 50 के नोट मोर्चा नहीं संभाल पा रहे। बुधवार और बृहस्पतिवार को हालात ऐसे रहे कि लोग सौ-दो सौ रुपये में मिलने वाले जरूरत के सामानों की खरीद नहीं कर सके। इससे दोनों दिन हालात बदतर नजर आए।
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  मंगलवार की शाम केंद्र सरकार ने हजार और पांच सौ के नोटों के प्रचलन पर पाबंदी लगा दी। इसकी जानकारी आमजन को हुई तो वह घबरा गया। दूसरे दिन बुधवार को घर में रखे हजार ओर पांच सौ के नोट लेकर वह बाजार गया तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। हजार और पांच सौ के नोट पर कोई भी कारोबारी उन्हें सौ-दो सौ रुपये का सामान ही नहीं दे रहा था। स्थिति यह रही कि लोग जेब में पांच सौ और हजार का नोट होने के बाद बस स्टाफ, बाजारों में चाय के लिए तरसते रहे।

पान के शौकीन भी परेशान रहे। सरकार के इस निर्णय से रोजी रोटी कमाने वालों को कठिनाई हुई। मजदूरी में पांच सौ की नोट मिलने के बाद वह एक-एक किलो दाल, आटा और चावल के लिए भटकते रहे। हालांकि अब हालात और आगे ऐसे नहीं रहेंगे। बृहस्पतिवार को बैंकों का ताला खुलने के बाद 100, 50 , 20 और दस के नोट उपभोक्ताओं को बांटे जा रहे थे। शुक्रवार को एटीएम में भी नई करेंसी पहुंच जाएगी। इससे शुक्रवार की शाम तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
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सरपट दौड़े बंद हो चुके दस के सिक्के
जिले में दस के सिक्कों को लेकर सप्ताह भर पहले नकली होने की अफवाह उड़ी थी। इसके चलते लोगों ने दस के सिक्कों को लेना और देना बंद कर दिया था। सिक्कों की असलियत पर शंका होने की वजह से परचून, पान और चाय के दुकानदारों के यहां इनका ढेर लग गया था। इसके अलावा दस-पांच सिक्के प्रत्येक व्यक्ति के पास मौजूद थे। इन सिक्कों को कोई भी लेने को तैयार नहीं था। मंगलवार की शाम हजार और पांच सौ की करेंसी पर ब्रेक लगने के बाद इन सिक्कों का चाल बढ़ गई। लोगों के पास डंप सिक्के बाजार में निकलकर कुछ देर तक कारोबार को बढ़ाया।

खाद और बीज खरीद पर भी असर
नवंबर महीना रबी की प्रमुख फसल गेहूं और आलू की बुवाई के लिए मुफीद होता है। जिले में इन फसलों की बुवाई का काम भी शुरू हो गया है। हजार और पांच सौ के नोटों पर शासन द्वारा लगाई गई रोक का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। रोक लगी नोटों पर किसानों को न तो खाद मिल पा रही है और न ही बीज। इसके पीछे दुकानदार ढाई लाख के मानक को बता रहे हैं। उनका कहना है कि ढाई लाख से अधिक जमा करने पर इनकम टैक्स की जांच में कौन फंसे। इससे अच्छा है कि दो-चार दिन व्यापार ही कम होगा और क्या? इससे रबी की बुवाई का काम ठहर सा गया है। अब नई करेंसी आने के बाद ही किसान रबी की बुवाई के लिए खाद और बीज की खरीद कर सकेंगे।

बिजली विभाग में जमा कर सकते हैं नोट
 एक हजार और पांच सौ के नोट हैं तो आप आसानी से बिजली बिल की अदायगी कर सकते हैं। बिजली विभाग के चेयरमैन संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को अंतिम दिन इन नोटों को बिल अदायगी में लिए जाने को कहा है। चेयरमैन का फरमान जारी होने के बाद एक्सईएन प्रभाकर पांडेय ने जिले के उपभोक्ताओं को हजार, पांच सौ के नोट से बिल अदायगी का अंतिम मौका दिया है। उपभोक्ता शुक्रवार को संबंधित विद्युत उपकेंद्र में पहुंचकर बकाए का भुगतान ब्रेक लगे नोट से कर सकता है।
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