पूरामुफ्ती कोतवाली इलाके के एक गांव में 10 वर्ष पहले हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सगे भाइयों को दोषी माना। अपर जिला जज ने दोनों भाइयों को 10 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों पर 22 हजर रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 20 जून 2011 पूरामुफ्ती क्षेत्र की एक युवती ने दो भाइयों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। जांच के बाद विवेचक ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की।
यह मामला अपर जिला न्यायाधीश मिथलेश कुमार की अदालत में चला। आरोपों की पुष्टि के लिए विशेष लोक अभियोजन अधिकारी शशांक खरे की तरफ से सात गवाहों को प्रस्तुत किया गया। अपर जिला ने दोनों पक्षों को सुुनने के बाद सगे भाइयों को दोषी करार दिया।
अभियोजन की ओर से दोनों के खिलाफ कठोर सजा की मांग की गई। कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद घटना में आरोपी भाईयों को 10 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।