मंझनपुर। लोकसभा चुनाव 2019 के रण से बाहर हुए प्रत्याशी अब बड़े दलों के संपर्क में हैं। खासे वोट बैंक का सब्जबाग दिखाकर बड़े दलों के प्रत्याशी से कुछ पैसा लेकर अपना उल्लू सीधा करने के चक्कर में हैं। शनिवार को नामांकन की अंतिम सूची जारी होने के बाद सियासी रण से बाहर हुए लोग अब राजनैतिक दलों के बैनर से उतरे प्रत्याशी का समर्थन कर वोट मांग रहे हैं।
कौशाम्बी संसदीय सीट से 22 लोगों ने नामांकन किया था। शनिवार को जांच के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने अंतिम सूची जारी की। जिसमें नामांकन करने वाले 10 लोग चुनाव मैदान में आने से पहले ही हार गए। अपने नामांकन के दौरान इन प्रत्याशियों ने भीड़ दिखाकर यह साबित करने का भरसक प्रयास किया था कि उनके पास बिरादरी का सर्मथन हैं। कोरी, धोबी, रैदास आदि बिरादरी के लोग अब सियासी मुकाम न मिलने पर बड़े दल के प्रत्याशियों के सर्मथन में हैं। नामांकन के दौरान आने वाला खर्च मिले और वह उनके लिए प्रचार करें तो गाड़ी व खर्च की व्यवस्था की मांग की जा रही है।
सूत्रों की मानें तो रविवार को ही चुनाव मैदान में उतरे कई नेता भले ही खुद के लिए वोट नहीं जुटा सकते थे लेकिन वह दूसरे दल का झंडा लगाकर वोट मांगते दिखे। हालांकि नेता के बदले सियासी रंग से जनता बखूबी वाकिफ है। लेकिन वह अपना समर्थन देने के बाबत यह कहते फिर रहे हैं कि तकनीकी दिक्कत से चुनाव मैदान से बाहर हो चुके हैं। लेकिन उन्होंने जिस वादे को लेकर जनता के साथ अपना नामांकन किया उनका प्रत्याशी जीतने पर वह वादा पूरा करेंगे।