-पांच ग्राम पंचायतों में स्थलीय जांच में खुली पोल, 12.43 लाख रुपये की अनियमितता
- डीएम ने दिए ग्राम प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायकों से वसूली के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में कागजी घोड़े दौड़ाकर सरकारी धन हड़पने का बड़ा मामला सामने आया है। जिले में निर्माण कार्यों के नाम पर लाखों रुपये की हेराफेरी का खुलासा हुआ है जहां स्थलीय जांच में कई नाले, बाउंड्रीवाल और खड़ंजे मौके से गायब मिले तो कहीं ईंटों का फर्जी व अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया।
पांच ग्राम पंचायतों में हुई सात विकास कार्यों की जांच में कुल 12,43,231.66 रुपये की वित्तीय अनियमितताएं पकड़ी गई हैं। जांच कमेटी की सिफारिश पर जिलाधिकारी ने संबंधित ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और तकनीकी सहायकों से समानुपात में इस धनराशि की वसूली के कड़े आदेश दिए हैं।
पटियाली के ग्राम साहबगंज निवासी अमित कुमार मिश्रा ने मनरेगा में हुए इस घोटाले की शिकायत भारत सरकार के सीपी ग्राम पोर्टल पर दर्ज कराई थी। मामले में जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने जिला कृषि अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी।
इसमें ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शामिल थे। कमेटी ने मौके पर जाकर जमीनी हकीकत का सत्यापन किया। जांच के आधार पर जिलाधिकारी ने सभी सातों प्रकरणों में संलिप्त जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों से नियमों के तहत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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कमेटी की जांच में ये खुलासे हुए
मझोला गांव :
फौजी के घर से कन्या पाठशाला तक नाला निर्माण मौके पर नहीं मिला, जबकि सामग्री मद में 3.04 लाख रुपये से अधिक खर्च दर्शाया गया था।
कनेशर नगला
: तालाब से सुतिया तालाब तक नाली और नीलेश के घर से स्कूल तक इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण का कार्य भी कागजी साबित हुआ।
दरियावगंज क्षेत्र
: वीरेंद्र के घर से सहाबगंज मिट्टी तक खड़ंजे के निर्माण के लिए 48,720 ईंटों का भुगतान कर दिया गया, जबकि जांच में केवल 29,636 ईंटें ही आवश्यक पाई गईं। इस तरह 1.05 लाख रुपये से अधिक की कीमत की 19,084 ईंटों का अतिरिक्त भुगतान पाया गया। इस कार्य से जुड़ी पत्रावली भी पेश नहीं की गई और काम अधूरा मिला।
पटियाली क्षेत्र
: नगला खिन्नी में आंबेडकर पार्क की बाउंड्रीवाल और शाहपुर नगरिया के सहापुर में अतरपाल के घर से स्कूल तक इंटरलॉकिंग व नाली का निर्माण पूरी तरह गायब मिला। इसके अलावा नगला घासी में भी 2,272 ईंटों का अतिरिक्त भुगतान (51,460 रुपये से अधिक) पकड़ा गया।
इनसे की जाएगी वसूली
-ग्राम पंचायत अधिकारी चंद्रप्रकाश से 2,72,381.75 रुपये
-ग्राम पंचायत कनेशर नगला डालू प्रधान सूरजभान से 2,19,191.55 रुपये
-ग्राम पंचायत मझोला प्रधान मुजफ्फर खां से 1,01,615.05 रुपये
-ग्राम पंचायत दरियावगंज प्रधान भगवानदास से 35,050.95 रुपये
-ग्राम पंचायत मजराजात प्रधान मनीष कुमार से 49,130.95 रुपये
-ग्राम पंचायत शाहपुर नगरिया प्रधान खुशबू से 75,744.26 रुपये
-तकनीकी सहायक शिव प्रकाश मौर्या से 2,72,381.75 रुपये
-अवर अभियंता मुकेश कुमार से 75,744.26 रुपये
वर्जन:
- मनरेगा योजना के तहत पटियाली विकास खंड की पांच ग्राम पंचायतों में कराए गए सात कार्यों की जांच में 12.43 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच कमेटी की संस्तुति पर जिलाधिकारी ने संबंधित ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और तकनीकी सहायकों से समानुपात में धनराशि की वसूली के आदेश दिए हैं। -सुभाष चंद्र, जिला विकास अधिकारी कासगंज