फोटो 32 - जागेश्वर धाम के लिए रवाना होने से कस्बा में निकाली गई विजय त्रिशूल की शोभा यात्रा। स्
गंजडुंडवारा। हनुमानगढ़ी मंदिर में भगवान शिव के परम प्रिय आयुध विजय त्रिशूल की प्रतिष्ठा को लेकर चल रहे धार्मिक अनुष्ठान का बृहस्पतिवार को पूर्ण आहुति के साथ विधि-विधान से समापन हुआ। श्रद्धा के साथ विजय त्रिशूल को उत्तराखंड स्थित पौराणिक जागेश्वर धाम में प्रतिष्ठा के लिए रवाना किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और वातावरण हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
अनुष्ठान के दौरान नगर की रक्षा, सुख-समृद्धि, जनकल्याण और विश्व शांति की भावना से विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। दशहरे की सुबह 51 दंपतियों ने पार्थिव शिवलिंग का विधि-विधान से पूजन और अभिषेक किया। इसके बाद विजय त्रिशूल का महाअभिषेक कर भगवान शिव से कस्बा की मंगलकामना की। कार्यक्रम के मुख्य संकल्पकर्ता आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि भगवान महादेव को विजय त्रिशूल भेंट किया जा रहा है। इस अनुष्ठान की प्रेरणा एक संत के माध्यम से मिली थी। इसके बाद कस्बावासियों के सहयोग और श्रद्धा से यह धार्मिक अभियान आगे बढ़ा। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि भगवान शिव का कार्य है और शिवजी ही इस आयोजन के सर्वेसर्वा हैं। इस मौके पर मंदिर अध्यक्ष संजीव गुप्ता, संकल्प मंत्री हरिओम गुप्ता, प्रफुल जैन, अंकित भूषण, डॉलर गुप्ता, स्कंद महाजन, गौरव गुप्ता, अमित चंद्रा, अंबुज गुप्ता, ऋषि अग्रवाल सहित बड़ी संख्या शिव भक्त मौजूद रहे।
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निकाली गई विजय त्रिशूल की शोभायात्रा
गंजडुंडवारा। पूर्ण आहुति के बाद विजय त्रिशूल की कस्बा में शोभा यात्रा निकाली गई। इसके बाद उसे जागेश्वर धाम के लिए रवाना किया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह जगह पुष्पवर्षा की। जयकारों के साथ भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। संवाद