कासगंज। मौसी की डांट से नाराज होकर घर से निकला 10 वर्षीय मासूम बालक ट्रेन में बैठकर कासगंज पहुंच गया। रेलवे स्टेशन पर अकेले और लावारिस हालत में घूम रहे बच्चे पर जीआरपी की नजर पड़ी तो पुलिसकर्मियों ने उसे अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ के बाद परिजन से संपर्क कर बच्चे को उन्हें सुपुर्द कर दिया।
कासगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर बुधवार सुबह 8 बजे जीआरपी पुलिस को एक बच्चा अकेला घूमता मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम आशू उर्फ सोनू, निवासी वार्ड नंबर नौ, कस्बा एवं थाना उसैत, जिला बदायूं बताया। थानाध्यक्ष कोमल कुंतल ने बताया कि बालक घबराया हुआ था और अकेला होने के कारण पुलिस ने उससे जानकारी जुटानी शुरू की। पूछताछ में पता चला कि बच्चे के पिता दिव्यांग हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। वह पढ़ाई के लिए अपनी मौसी मीरा पत्नी राजेंद्र के साथ कुआंटांडा, थाना कुंवरपुर, जिला बदायूं में रह रहा था। पढ़ाई करने व बाहर कम घूमने को लेकर मौसी ने उसे समझाया और डांट दिया था। इससे नाराज होकर मासूम बिना किसी को बताए घर से निकल पड़ा। वह बदायूं से ट्रेन में बैठकर कासगंज पहुंच गया।
मासूम के घर से निकलने के बाद परिजन परेशान थे। पुलिस कर्मियों ने परिजन से संपर्क कर बालक की सूचना उन्हें दी। सूचना मिलने पर परिजन कासगंज पहुंचे। कार्रवाई के बाद बच्चे को उसके भाई आशीष, जीजा ऋषभ और मौसेरे भाई अंशु के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे के सकुशल मिलने पर परिजन की आंखों में आंसू छलक पड़े। उन्होंने जीआरपी पुलिसकर्मियों का आभार जताया और पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की।