कासगंज। बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर हो रहा है। लोग टाइफाइड की चपेट में भी आने लगे हैं। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों की लक्षणों के आधार पर प्रतिदिन जांच की जा रही है और नए मरीज सामने आ रहे हैं। चिकित्सक इलाज के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल में शुक्रवार को 1098 मरीज पहुंचे। इनमें से बुखार पीड़ित 205 मरीजों में से 59 मरीजों में टाइफाइड के लक्षण पाए गए। इसके बाद चिकित्सकों ने रक्त की जांच कराई। जांच में 2 मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हुई।
जिला अस्पताल में पिछले तीन दिन से लगातार टाइफाइड के मरीज सामने आ रहे हैं। तीन दिन में चार मरीजों में बीमारी की पुष्टि हो चुकी है। चिकित्सकों का कहना है कि प्रारंभिक अवस्था में मरीजों को हल्का बुखार और थकान महसूस होती है, लेकिन यदि समय पर इलाज न किया जाए तो गंभीर स्थिति भी बन सकती है। बच्चों और बुजुर्गों में यह रोग अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।
टाइफाइड में आंत सबसे अधिक प्रभावित होती है। टाइफाइड बुखार में पाचन तंत्र प्रभावित हो जाता है, लेकिन समय के साथ-साथ शरीर के कई अन्य अंग भी प्रभावित होने लगते हैं
टाइफाइड के लक्षण
- उच्च बुखार
- भूख में कमी
- सिरदर्द
- दस्त
- गले में खराश
- चकत्ते
- मांस पेशियों और जोड़ों में दर्द
- सूखी खांसी
बचाव के उपाय
-हाथों को साफ करके भोजन करें।
- दूषित पानी व भोजन न करें।
- कच्ची सब्जियां न खाएं।
- कच्चा दूूध न पिएं।
- फलों को अच्छी तरह से धोकर खाएं।
- बाजार के खुले खाद्य पदाथों का सेवन न करें।
- भोजन करने से पहले हाथ को अच्छी तरह से धोएं।
- घर में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें।
- चिकित्सक की सलाह पर टीका लगवाएं।
वर्जन
टाइफाइड एक गंभीर बीमारी है। यह साल्मोनेला एन्टेरिका, सेरोटाइप टाइफी, बैक्टीरिया से होता है। यह साल्मोनेला पैराटाइफी बैक्टीरियम से भी फैलता है। यह बैक्टीरिया गंदे पानी और खाने के जरिए लोगों के शरीर में प्रवेश करता है। परिवार के किसी सदस्य के चपेट में आने से अन्य लोगों में फैलने का खतरा रहता है। -डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
फोटो14जिला अस्पताल में मरीजों का उपचार करते डॉक्टर । संवाद