मानसून से पहले बिजली निगम के दावे फेल
कासगंज। मानसून की दस्तक से पहले विद्युत निगम की ओर से किए जाने वाले सुरक्षा इंतजाम कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई संवेदनशील स्थानों पर ट्रांसफाॅर्मर बिना बैरिकेडिंग (सुरक्षा घेरे) के खुले में रखे हैं। बारिश शुरू होने के साथ ही इनके आसपास जलभराव होने की स्थिति में करंट फैलने और बड़े हादसों की आशंका बढ़ गई है।
ये ट्रांसफार्मर सड़क किनारे और घनी आबादी के बीच खुले पड़े हैं, जहां बच्चों, राहगीरों और बेजुबान पशुओं की चौबीसों घंटे आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में हल्की सी चूक भी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। मोहल्ला जय-जयराम में पोस्टऑफिस के पास तिराहे पर खुले में ट्रांसफॉर्मर रखा हुआ है। इस मार्ग से प्रतिदिन काफी संख्या में लोगों को निकलना रहता है। फाउंडेशन के आस-पास पौधे व झाड़ियां उग आई हैं। यही हाल जिला अस्पताल के पास पोस्टमार्टम गृह के गेट के पास रखे ट्रांसफाॅर्मर का है। यहां पर खुले में ट्रांसफॉर्मर रखा है, इसके आस-पास झाड़ियां उग आई हैं। इस मार्ग से भी काफी संख्या में लोगों की आवाजाही लगी रही है। वहीं प्रतिदिन काफी संख्या में मरीज व उनके साथ तीमारदार भी पहुंचते हैं।
सोरों गेट क्षेत्र में जरा सी बारिश होने के बाद जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। सोरों गेट पुलिस चौकी में बिना बैरिकेडिंग के ट्रांसफॉर्मर रखे हुए हैं। बरसात में चौकी भी बारिश के पानी से जलमग्न हो जाती है। इससे में चौकी परिसर करंट फैलने का खतरा बना रहता है। मोहल्ला जय-जय राम निवासी रमेश चंद्र ने बताया कि हर वर्ष मानसून से पहले ट्रांसफाॅर्मरों की बैरिकेडिंग, जर्जर पोल और ढीले बिजली के तारों को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन इस बार भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों ने विद्युत निगम के अधिकारियों से संवेदनशील स्थानों पर तत्काल सुरक्षा घेराबंदी कराने की मांग की है।
दो लोगों की बात तैयार करें :
- बारिश के दौरान ट्रांसफाॅर्मरों के आसपास पानी जमा होने पर करंट फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में मानसून सक्रिय होने से पहले विद्युत निगम को खुले में रखे ट्रांसफाॅर्मरों की बैरिकेडिंग, अर्थिंग की जांच और जर्जर विद्युत लाइनों की मरम्मत सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। यशवीर सिंह प्रधान, निवासी मोहल्ला जय-जयराम
- जिन स्थानों पर ट्रांसफार्मर खुले में हैं या उनके आसपास जलभराव होता है, वहां चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा घेरा लगाया जाना चाहिए। साथ ही, बिजली के ढीले तारों और झुके हुए पोलों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि आम लोगों, खासकर बच्चों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।-गौरव यादव, सभासद,निवासी सिटी रोड, मोहल्ला जय-जयराम ।
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वर्जन :
- खुले स्थानों पर रखे ट्रांसफॉर्मरों को चिह्नित करने के लिए कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं। बारिश शुरू होने से पहले ऐसे सभी ट्रांसफॉर्मरों की बैरिकेडिंग कराई जाएगी। साथ ही उनकी अर्थिंग की जांच और आवश्यक मरम्मत का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है, ताकि बरसात के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।- राहुल वर्नवाल,अधिशाषी अभियंता शहरी ।