पटियाली। अधिवक्ता को जान से मारने की नीयत से कार से टक्कर मारने के मामले में बृहस्पतिवार को पटियाली थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई है। न्यायालय में चल रही एक पत्रावली की पैरवी करने की रंजिश पर वारदात को अंजाम दिया गया था।
कोतवाली सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के नगला पाती निवासी मोहित बघेल (30) पेशे से अधिवक्ता हैं। वह जनपद न्यायालय में वकालत करते हैं। उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह श्याम सिंह बनाम ग्रीश आदि की पत्रावली में पैरवी कर रहे थे। इसी बात से विपक्षी दल के लोग उनसे रंजिश रखते थे।
26 मार्च की शाम करीब 7 बजे जब वह जिला न्यायालय से घर लौट रहे थे, तब नगला किशोरी और पटियाली के बीच आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। गाली-गलौज करते हुए उन्हें धमकाया। आरोपियों में चाकरपुर निवासी संतोष यादव, रजनेश यादव और कप्तान शामिल थे। वे एक सफेद रंग की गाड़ी में सवार थे।
जब अधिवक्ता ने बाइक से आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से उनकी बाइक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अधिवक्ता सड़क पर गिरकर घायल हो गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। सूचना मिलने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए एटा के अस्पताल ले गए। हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टर ने उन्हें अलीगढ़ रेफर कर दिया था।
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शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
अधिवक्ता मोहित बघेल ने आरोप लगाया कि जब पूरी तरह ठीक होने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराने पटियाली थाने गए तो पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेश पर अब पटियाली पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों संतोष यादव, रजनेश यादव और कप्तान के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।