कासगंज। पटियाली तहसील की नवादा गोशाला में चार जनवरी को अवैध वसूली के लिए हंगामा किया गया था। ग्राम प्रधान ने मामले में दो नामजद आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि उनसे 50 हजार रुपये महीना देने की डिमांड की गई। मना करने पर आरोपियों ने गोशाला के पास जमीन में दबे गोवंश के अवशेष निकाल लिए और दबाव बनाने के लिए हंगामा किया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव सिकंदरपुर मनौना निवासी देवेंद्र सिंह पुत्र राजकुमार ने पटियाली थाने में तहरीर देते हुए बताया कि गांव नवादा भी उनकी ग्राम पंचायत का मजरा है। वहां एक गोशाला है, जिसकी देखरेख उनके पास है। आरोप लगाया कि 30 दिसंबर को आरोपी लकी यादव और संगम अपने अन्य साथियों के साथ आए। आरोपी कहने लगे कि आसपास की गोशाला वाले हर महीना रकम देते हैं। नवादा गोशाला से भी 50 हजार रुपये हर महीने चाहिए। डर की वजह से उन्होंने 5 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए, लेकिन वह हर महीने रुपये देने की बात कहकर चले गए। चार जनवरी की सुबह आरोपी लकी यादव साथियों के साथ गोशाला पहुंच गया। इसके बाद गोशाला के पास जमीन में दबे मृत गोवंश के अवशेष खोदकर निकाल लिए और 30 से 40 साथियों को बुलाकर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस और एसडीएम पटियाली के पहुंचने पर आरोपी मौके से चले गए। उनका आरोप है कि आरोपी लकी और संगम बाद में उनके पास आए और जबरन रुपये मांगने लगे। पटियाली पुलिस ने ग्राम प्रधान की तहरीर पर आरोपी लकी यादव व संगम पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
ये है पूरा मामला
चार जनवरी को नवादा गोशाला के पास खेत में गोवंश के अवशेष मिलने पर जमकर हंगामा हुआ था। गोशाला प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। मृत गोवंश के शवों को सही तरीके से न दफनाएं जाने का आरोप लगाया था। इस पर पटियाली एसडीएम प्रदीप विमल, तहसीलदार राम नयन,नायब तहसीलदार मुकेश कुमार,सीवीओ महेंद्र पाल सिंह व अन्य राजस्व कर्मी मौके पर पहुंच गए थे। मामले में डीएम ने ग्राम विकास अधिकारी शिव कपूर आदर्श को लापरवाही का दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया था। मामले में बीडीओ गंजडुंडवारा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। इसके अलावा सिकंदरपुर मनौना के ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह को जिला पंचायत राज अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अब इस मामले में ग्राम प्रधान ने अवैध वसूली के लिए हंगामा करने का आरोप लगाया है। संवाद