सहावर। रमजान के पहले जुमे की नमाज शुक्रवार को शांतिपूर्वक संपन्न हुई। जामा मस्जिद समेत कस्बे की सभी मस्जिदों में हजारों नमाजियों ने इबादत की और अमन-चैन की दुआ मांगी। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। प्रमुख मस्जिदों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। संवेदनशील इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। पुलिस ने ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी से पूरे क्षेत्र की निगरानी की।
नमाज शुरू होने से काफी समय पहले ही मस्जिदों की ओर नमाजियों का आना शुरू हो गया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रमुख मस्जिदों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। इसके साथ ही, संवेदनशील इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी का उपयोग किया। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारियों ने रमजान के पूरे महीने में हर जुमे को इसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था जारी रखने का आश्वासन दिया है। इस पहल से नमाजी बिना किसी बाधा के अपनी इबादत कर सकेंगे।
जामा मस्जिद में मौलाना अकिकुल रहमान ने अपनी तकरीर में माह-ए-रमजान की फजीलत ने बताया। कहा कि माह-ए-रमजान का रोजा फर्ज है और इसे हर हाल में रखना चाहिए। मौलाना ने यह भी बताया कि इस पवित्र महीने में की गई नेकी का बदला अल्लाह स्वयं देता है। नमाज के बाद विशेष रूप से देश में अमन और शांति के लिए दुआएं मांगी गईं।