फोटो 01 - नगर पालिका बोर्ड की बैठक मौजूद विधायक, पालिककाध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी । स्रोत :
कासगंज। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में बुधवार को विकास कार्यों से ज्यादा चर्चा टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर छाई रही। बैठक शुरू होते ही सभासदों ने पुराने पालिका भवन को गिराने और मलबे की नीलामी संबंधी टेंडर प्रक्रिया पर धांधली के गंभीर आरोप लगाए। हंगामे और फर्जीवाड़े के बीच सभासदों की मांग पर इस टेंडर प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दोबारा कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
पालिकाध्यक्ष मीना माहेश्वरी की अध्यक्षता और विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत की आतिथ्य में हुई इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा जीतने के बाद पालिका की महत्वाकांक्षी महिला मार्केट योजना को जल्द धरातल पर उतारने और प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाकर व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित करने पर सहमति बनी जिससे पालिका की आय बढ़ेगी।
दूसरी ओर, बोर्ड ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, भवनों का जीआईएस सर्वे, आवास निर्माण और आई लव कासगंज स्लोगन समेत काली नदी और अन्य स्थानों पर लिगेसी वेस्ट निस्तारण के प्रस्तावों को विचाराधीन रखा गया है। बैठक में अधिशासी अधिकारी विवेक त्रिपाठी सहित तमाम अधिकारी और सभासद मौजूद रहे।
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शहर के साैंदर्यीकरण को मिली मंजूरी
शहर के सौंदर्यीकरण के तहत मुख्य चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगाने, रेलवे रोड स्थित गंगा देवी धर्मशाला के पास भगवान महेश द्वार बनाने और बस स्टेशन स्थित शहीद स्तंभ के जीर्णोद्धार को मंजूरी दी गई। इसके अलावा सड़क मरम्मत व सीसी रोड के लिए सभासदों से दो-दो विकास प्रस्ताव मांगे गए हैं। स्टॉक में पारदर्शिता के लिए जलकल और मार्ग प्रकाश उपकरणों की एंट्री रजिस्टर में अनिवार्य कर दी गई है।