कासगंज। बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब केवल अकादमिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों को उनकी सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी।
पॉक्सो (बाल संरक्षण) कानून के तहत शुरू की गई इस अनूठी पहल में ''गुड टच-बैड टच'' जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा पहलुओं पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि बच्चे कम उम्र से ही जागरूक, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बन सकें। जिले में कुल 1263 परिषदीय स्कूल संचालित हैं, जिनमें लगभग 1.25 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए, विभाग ने यह नई पहल शुरू की है।
इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को पॉक्सो कानून के प्रावधानों से अवगत कराना है, ताकि वे संभावित खतरों को पहचान सकें और उनसे बचाव के तरीके सीख सकें। इस पहल को बच्चों को कम उम्र से ही सजग और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस संबंध में जारी किए गए शैक्षिक कैलेंडर में स्पष्ट दिशा-निर्देश शामिल किए गए हैं।
इसके अनुसार, कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यार्थियों को उनकी उम्र और समझ के स्तर के अनुरूप, संवेदनशील तरीके से जानकारी प्रदान की जाएगी। इस प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को सिखाया जाएगा कि ''गुड टच'' और ''बैड टच'' में क्या अंतर होता है। निजी सीमाओं का क्या महत्व है, वे संभावित खतरों को कैसे पहचान सकते हैं, और किसी भी असहज या खतरनाक स्थिति में वे मदद कैसे मांग सकते हैं।
बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि बच्चों को सरल और सहज भाषा में जानकारी दी जाएगी। इससे वे बिना किसी डर के अपनी बात कह सकेंगे और समय पर सहायता ले सकें। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों में भय पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक, सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना है।