कासगंज। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य में लगाए गए बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) काम की अधिकता के दबाव से तनाव में हैं। जरूरत होने पर भी उनको अवकाश नहीं मिल पा रहा। अब तक आधा काम भी पूरा नहीं हुआ है, ऐसे में शेष बचे 51 प्रतिशत कार्य को एक सप्ताह में पूरा करना किसी जंग जीतने से कम नहीं है।
जिले की तीनों विधानसभाओं में 10.59 लाख मतदाताओं के नाम सूची में हैं। इनके एसआईआर का कार्य 4 नवंबर से चल रहा है। 4 दिसंबर तक इस कार्य को पूरा किया जाना है। इसके लिए 1149 बीएलओ तथा 113 सुपरवाइजर सर्वे कार्य में लगाए गए हैं। अत्यधिक कार्यभार, लक्ष्य पूरा करने की समय सीमा और छुट्टियों पर रोक के चलते बीएलओ गंभीर तनाव में हैं। बीएलओ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लगातार सर्वे, घर-घर सत्यापन, मतदाता विवरण संशोधन और रिपोर्ट भेजने जैसे कार्यों में दिनभर की भाग दौड़ रहती है। अधिकारियों की ओर से हर रोज प्रगति रिपोर्ट की मांग की जा रही है। कई क्षेत्रों में घरों पर बार- बार जाना पड़ रहा है। ऐसे में सर्वे पूरा करने में अतिरिक्त समय लग रहा है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष अमित यादव ने कहा कि बीएलओ के रूप में लगाए गए शिक्षकों पर काम का दबाव अत्यधिक है। विद्यालयों के रजिस्टर कार्य और अन्य शैक्षिक दायित्वों के साथ एसआईआर का भारी बोझ उनके स्वास्थ्य और परिवार को प्रभावित कर रहा है। बीएलओ चाहते हैं कि उनके काम के दवाब कम किया जाए और आवश्यकतानुसार छुट्टी भी दी जाए। अवकाश में भी बीएलओ कार्य कर रहे है, उन्हें छुट्टी को प्रतिकर के रूप में दिया जाए। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, मनोज गुप्ता ने बताया कि एसआईआर सर्वे का अब तक 49 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शएष काम 4 दिसंबर तक पूरा करना है।