इस समय शासन की मुख्य प्राथमिकता कुंभ मेले की परिवहन व्यवस्था है। कुंभ की परिहवन व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के लिए डिपो की सभी 49 बसें कुंभ मेले में आज तक चली जाएंगी। डिपो अब अनुबंधित बसों के सहारे ही संचालित होगा। यात्रियों को बसों की संख्या कम रहने पर असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में यात्रा से पूर्व यात्री बसों के बारे जानकारी जुटा लें।
रोडवेज डिपो के द्वारा नियमित रुप से 80 बसों का संचालन किया जा रहा था। अब केवल 31 अनुबंधित बसें ही संचालित होंगी। कुंभ मेले में 13 जनवरी से ही बसों के भेजने का सिलसिला शुरू हो गया था। चरणवद्ध तरीके से लगातार बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
29 जनवरी का माघ पूर्णिमा स्नान है। इससे पूर्व भी डिपो के बेड़े से बसों की लगातार रवानगी हो रही है। मंगलवार को 12 बसें कुंभ मेले के लिए रवाना की गई। आज बुधवार को 36 बसों का बेड़ा कुंभ के लिए रवाना किया जाएगा। एक बस नियमित रूप से कुंभ मेले के लिए डिपो से संचालित हो रही है।
निगम की सभी बसें कुंभ मेले में चले जाने के कारण अब अनुबंधित बसें ही यात्रा का सहारा बनेगी। दिल्ली मार्ग के यात्रियों को बसों की संख्या कम होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि दिल्ली रूट के लिए शहर से ट्रेन की भी कोई सुविधा नहीं है। केवल दिल्ली की यात्रा का सहारा रोडवेज बसें हैं। दिल्ली के अलावा आगरा, बरेली, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस सहित अन्य रूटों पर बसों की किल्लत हो सकती है, लेकिन निगम इन रूटों फेरे बढ़ाने का बात कह रहा है।
एआरएम ओम प्रकाश ने बताया कि रोडवेज की सभी बसों को अलग अलग समय में कुंभ व्यवस्था में भेजा जा रहा है। अब अनुबंधित बसों का ही संचालन डिपो से होगा। बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।