कासगंज। मानसून की बारिश ने जिले की प्रमुख सड़कों की सूरत बिगाड़ कर रख दी है, जिससे राहगीरों के लिए सफर बेहद जोखिम भरा हो गया है। बरेली फोरलेन पर मामों गांव के समीप सड़क धंसने से गहरा गड्ढा बन गया है, तो वहीं अमांपुर रोड पर हुए भीषण जलभराव के कारण आए दिन दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा पलट रहे हैं। समय रहते यदि इन मार्गों की मरम्मत और जलनिकासी के मुकम्मल इंतजाम नहीं किए गए, तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
बरेली फोरलेन पर मामों गांव के पास जलभराव के चलते सड़क की गिट्टियां उखड़ गई हैं और वहां गहरा गड्ढा बन गया है। इसमें बारिश का पानी भरे रहने के कारण वाहन चालकों को इसकी गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता। दिन के वक्त जैसे-तैसे वाहन निकल जाते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में यह गड्ढा जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय ग्रामीण चंद्रपाल ने बताया कि सोरों की ओर जाने वाले दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा इस गड्ढे में फंसकर अनियंत्रित हो जाते हैं, जिससे गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं। मंडी समिति द्वारा अहरौली क्रॉसिंग से मंडी की तरफ बनाई गई सड़क भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने से ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।कमोबेश यही हाल शहर के अमांपुर रोड का है, जहां प्राथमिक विद्यालय के पास लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। ग्रामीण दुष्यंत गौतम ने बताया कि सड़क पर घुटनों तक पानी जमा होने के कारण रोजाना ई-रिक्शा और बाइकें पलट रही हैं। इस मार्ग को लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और जिला स्तरीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, मगर नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। राहगीरों और वाहन चालकों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त मार्गों की तत्काल मरम्मत और जलनिकासी सुनिश्चित कराने की मांग की है।