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सेवानिवृत्त एडीएम हत्याकांड: बचने को नाैकर ने चली हर चाल, एक गलती बनी गले की फांस; ऐसे पुलिस की गिरफ्त में आया

Wed, 22 Jan 2025 10:11 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

नाैकर ने परिजनों को सूचना दी थी कि सेवानिवृत्त एडीएम की तबीयत ठीक नहीं है। इसलिए चाय पिलाकर जा रहा है। लेकिन इसके बाद नाैकर ने हत्याकांड को अंजाम दिया।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कासगंज में सेवानिवृत्त एडीएम राजेंद्र प्रसाद की हत्या को उनके ही नौकर धर्मेंद्र कश्यप ने अंजाम दिया। उसने इस वारदात को अंजाम देकर अपने आप को बचाने के लिए ऐसा स्वांग रचा कि परिजनों व पुलिस पर उस पर शक नहीं हो। 
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वारदात की रात आरोपी नौकर ने परिजनों को फोन करके बताया था कि एडीएम की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए वह चाय पिलाकर जा रहा है, लेकिन इस बीच नौकर ने रिटायर्ड एडीएम की हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया। सुबह नौकर धर्मेंद्र कपड़े बदलकर फिर से गेस्ट हाउस पहुंचा और उसने कहानी को आगे बढ़ाते हुए कहा कि एडीएम साहब की आवाज सुनाई नहीं दी तो वह पीछे की ओर बने दरवाजे की ओर गया और वहां दरवाजा का कुंदा टूटा हुआ था। टूटे दरवाजे से वह अंदर पहुंचा तो शव टिनशेड के नीचे पड़ा हुआ था।

 

सुबह करीब नाै बजे धर्मेंद्र ने यह सूचना परिवार के लोगों को दी और पुलिस को मामले की जानकारी दी। गेस्ट हाउस पर जब ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित होने लगी और पुलिस पहुंची तो नौकर धर्मेंद्र के हाव भाव भी बदलने लगे। पुलिस अधिकारी व टीमों ने विवेचना शुरू की तो शक की सुई धर्मेंद्र की ओर घूमने लगी और पुलिस के निशाने पर धर्मेंद्र आ गया। 

 

धर्मेंद्र पूरी तरह से इस बात को लेकर बेफिक्र था कि परिवार के लोगों का शक उस पर नहीं है, लेकिन पुलिस की जांच में जो साक्ष्य मिले उसमें धर्मेंद्र पर शक बढ़ता चलाया गया और सख्ती से पूछताछ हुई तो शक बाहर आ गया। पूरा घटनाक्रम धर्मेंद्र ने उगल दिया।

 

रिटायर्ड एडीएम राजेंद्र प्रसाद कश्यप के पुत्र शुभम कश्यप ने बताया कि नौकर धर्मेंद्र कश्यप नगला कंचन का रहने वाला है। गांव देहात के रिश्तों की वजह से वह उन्हें भइया व उनकी मां को बुआ कहता था। बताया गया कि चार साल पहले वह पुताई का काम करने आया था और तभी उसने परिवार का भरोसा जीतकर उन्हीं के साथ रहने की पेशकश की तो परिवार के लोगों ने उसे काम पर रख लिया। 

 
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नाैकर ने परिवार के लोगों का इतना भरोसा जीत लिया कि गेस्ट हाउस की एक चाबी भी उसके पास रहती थी। शुभम ने कहा कि उसे व उसके परिजनों को इस बात का कतई यकीन नहीं था कि नौकर ही हत्यारा निकलेगा।
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