कासगंज। जिले के हजारों निजी गैर-परिवहन वाहन स्वामियों के लिए राहत भरी खबर है। परिवहन विभाग ने सीट क्षमता के आधार पर फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करने की अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर वर्ष 2005 में लागू की गई इस पुरानी व्यवस्था को आधिकारिक तौर पर निरस्त कर दिया गया है।
पूर्व व्यवस्था के तहत चालक को छोड़कर 6 से 9 सीट क्षमता वाले निजी वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य था। हालांकि, विधिक परीक्षण में पाया गया कि मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा 56 तथा केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली-1989 के तहत फिटनेस संबंधी प्रावधान मुख्य रूप से व्यावसायिक वाहनों के लिए ही हैं। निजी गैर-परिवहन वाहनों पर केवल सीट क्षमता के आधार पर फिटनेस की शर्त वैधानिक नियमों के अनुकूल नहीं थी।
परिवहन आयुक्त के आदेशानुसार जिले में यह व्यवस्था तुरंत लागू कर दी गई है। अब वाहनों का पंजीयन और अन्य कागजी कार्यवाही मोटर वाहन अधिनियम के सामान्य निर्देशों के तहत ही होगी। इससे जिले के करीब 2500 वाहन स्वामियों को राहत मिलेगी।
-
जिले में यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। भविष्य में भारत सरकार अथवा सक्षम प्राधिकारी की ओर से कोई नया वैधानिक निर्देश प्राप्त होने पर उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - आरपी मिश्र, एआरटीओ