कासगंज। तंबाकू के दुष्प्रभावों को लेकर बढ़ती जागरूकता का असर अब दिखने लगा है। गुटखा, तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट की लत छोड़ने के लिए लोग जिला अस्पताल का रुख कर रहे हैं। यहां संचालित तंबाकू निवारण केंद्र नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को नई जिंदगी की राह दिखा रहा है। हर महीने 25 से 30 लोग केंद्र पर पहुंचकर परामर्श ले रहे हैं और तंबाकू छोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल में चल रहे इस केंद्र पर निशुल्क काउंसलिंग और इलाज की सुविधा दी जाती है। परामर्श के दौरान मरीजों को तंबाकू से होने वाली बीमारियों, उसके दुष्प्रभावों और जीवनशैली में जरूरी बदलावों की जानकारी दी जाती है। साथ ही उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाता है, ताकि वे नशे की आदत पर नियंत्रण पा सकें।
तंबाकू छोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केंद्र पर निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एनआरटी) के तहत निकोटिन की गोलियां भी वितरित की जाती हैं। इन गोलियों से तंबाकू छोड़ने के शुरुआती दिनों में होने वाली बेचैनी, चिड़चिड़ापन और बार-बार लगने वाली तलब को काबू करने में मदद मिलती है। तंबाकू छोड़ने के कुछ ही समय बाद शरीर पर सकारात्मक असर दिखने लगता है। समय के साथ हृदय रोग, स्ट्रोक, फेफड़ों की बीमारी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है।
तंबाकू छोड़ने के बाद होने वाले फायदे
हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार
कैंसर और हृदय रोग का खतरा कम
खांसी और सांस फूलने की समस्या में राहत
स्वाद और गंध पहचानने की क्षमता बेहतर
आर्थिक बचत और जीवन की गुणवत्ता में सुधार
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सेवन से नुकसान
कैंसर का खतरा
हृदय रोग का खतरा
फेफड़ों को नुकसान
मुंह की समस्याएं
गर्भावस्था पर बुरा प्रभाव
मुंह में लंबे समय तक रहने वाला छाला
मुंह में सफेद या लाल धब्बे
लगातार खांसी
निगलने में परेशानी
बिना कारण वजन घटना
आवाज में बदलाव
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तलब आने पर अपनाएं ये विकल्प
निकोटिन गोली या गम का प्रयोग करें
सौंफ, इलायची या शुगर-फ्री च्युइंगम लें
कुछ मिनट टहलें या गहरी साँस लें
तलब लगने पर पानी पिएं
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आंकड़ों पर एक नजर
माह — तंबाकू छोड़ने वालों की संख्या
जनवरी 12
फरवरी 11
मार्च 15
अप्रैल 18
मई 17
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लोगों की बात
तंबाकू सेवन से काफी परेशानियां होने लगी थीं। डॉक्टर ने तंबाकू छोड़ने को कहा। मैंने 10 साल से तंबाकू नहीं छुआ है।
- विनोद चौहान निवासी म्यासुर
बीड़ी का काफी समय तक सेवन किया। 18 साल पहले छोड़ दिया। अब इच्छा ही नहीं होती।
- हरिओम निवासी बोहरान गली
वर्जन
जिला अस्पताल में तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों के लिए काउंसलिंग और निकोटिन गोलियों की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। इच्छाशक्ति और चिकित्सकीय सहयोग से तंबाकू की लत को पूरी तरह छोड़ा जा सकता है।-डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस, जिला अस्पताल