कासगंज। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यालय लेनिन सेंटर अशोक नगर पर शुक्रवार को मजदूर दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर श्रम कानूनों को खत्म कर मजदूरों के अधिकारों से वंचित करने का आरोप लगाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सालिकराम ने की। जिला सचिव सुनील सिंह ने 1 मई 1886 के शिकागो आंदोलन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन के बाद ही मजदूरों को 8 घंटे काम करने का अधिकार मिला। इससे पहले मजदूरों को 12 से 16 घंटे तक काम करना पड़ता था। सुनील सिंह ने कहा कि मोदी सरकार मजदूरों के हित में बने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर रही है। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी इन कानूनों को खत्म करने का विरोध करती है।
भारत की जनवादी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार कुशवाहा ने इसे मजदूरों का त्योहार बताया। उन्होंने कहा कि 8 घंटे काम का अधिकार हजारों कुर्बानियों की देन है। कुशवाहा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मजदूरों से उनके 8 घंटे काम करने का अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है।
मजदूर नेता राजवीर सिंह सोलंकी, किसान सभा के जिला सचिव प्रमोद कुमार, नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह सोलंकी ने भी संबोधित किया। इस मौके पर गोवर्धन सिंह, भूप सिंह, विकास कुशवाहा, रोहन लाल, धर्मेंद्र आज़ाद हिंदुस्तानी, रामजीलाल, प्रेम सिंह, सूबेदार सिंह और मधुर शर्मा उपस्थित थे।